यूपी में दर्दनाक सड़क हादसा, मुंडन कराकर लौट रहे ग्रामीणों की ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने रौंदा; 5 महिलाओं की मौत, 17 घायल

Sitapur Road Accident

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Sitapur Road Accident: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में पांच महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 17 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा तब हुआ, जब बच्चों का मुंडन संस्कार कराकर लौट रहे ग्रामीणों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली असंतुलित होकर सड़क पर ही पलट गई, जिससे उसमें सवार श्रद्धालु उसके नीचे दब गए।

Sitapur Road Accident: मांगलिक कार्यक्रम की खुशियां मातम में बदलीं

घटना सीतापुर जिले के पिसावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हिम्मतनगर चंदवापुर (कोल्हाघाट पुल के पास) की है। जानकारी के मुताबिक, पिसावां क्षेत्र के बरगवां रसूलपुर गांव के रहने वाले ग्रामीण पड़ोसी जनपद हरदोई के पिहानी क्षेत्र में स्थित रायपुर मठिया (शिव मंदिर) में एक बच्चे का मुंडन संस्कार कराने गए थे।

धार्मिक अनुष्ठान और मुंडन संस्कार संपन्न होने के बाद, परिवार और रिश्तेदार बेहद खुशी-खुशी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर अपने गांव वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली बरगवां-कुलहाघाट मार्ग पर हिम्मतनगर गांव के पास पहुंची, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। पलक झपकते ही त्योहार और मांगलिक उत्सव की खुशियां चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो गईं। (Sitapur Road Accident)

हादसे का मंजर और राहत कार्य

टक्कर लगते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर पलट गई और भारी ट्रॉली के नीचे कई महिलाएं और बच्चे दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए दौड़े। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे और ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस बल और जिले के आला अधिकारी, जिनमें पुलिस अधीक्षक (SP) अंकुर अग्रवाल, जिला मजिस्ट्रेट राजागणपति आर और महोली के क्षेत्राधिकारी (CO) नागेंद्र चौबे शामिल थे, भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत पिसावां और महोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में भर्ती कराया गया। (Sitapur Road Accident)

हादसे में 5 महिलाओं की मौत, 17 लोग घायल

इस दर्दनाक हादसे में कुल 5 महिलाओं की मौत हो गई। इनमें से चार महिलाएं बरगवां गांव की रहने वाली थीं। मृतकों में काजल (10), पुत्री दाताराम, सुशीला (50), पत्नी विष्णु, रूबी (22), पुत्री विष्णु और सुनीता (40), पत्नी रामकुमार शामिल हैं। इसके अलावा करीब 58 साल की एक अज्ञात महिला की भी मौत हुई है, जिसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

इस दुर्घटना में 17 लोग घायल भी हुए हैं। घायलों में कई बच्चे और बुजुर्ग महिलाएं शामिल हैं। प्रेमवती (50), रामवती (50) और उन्नति (12) की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक इलाज के बाद तीनों को बेहतर उपचार के लिए सीतापुर जिला अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं, बाकी घायलों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है। (Sitapur Road Accident)

प्रशासन मुस्तैद, मुख्यमंत्री ने जताया दुख और मुआवजे का एलान

हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। जिला मजिस्ट्रेट राजागणपति आर ने बताया कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम को तैनात किया गया है ताकि रेफर होकर आ रहे गंभीर मरीजों को तुरंत और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य लाभ मिल सके। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा जताया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत कार्य करने और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही, राज्य सरकार की ओर से पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है। प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹2-2 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। (Sitapur Road Accident)

फिर सवालों के घेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यावसायिक उपयोग

यह भीषण हादसा एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए यात्रियों और श्रद्धालुओं को ढोने की खतरनाक प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि प्रशासन द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारियां बैठाने को लेकर सख्त पाबंदियां और जागरूकता अभियान चलाए जाते रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में आज भी मांगलिक और धार्मिक कार्यों के लिए इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है, जो अक्सर ऐसे बड़े और दर्दनाक हादसों का कारण बनता है। पुलिस फिलहाल टक्कर मारने वाले ट्रक और उसके चालक की तलाश कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *