बीजेपी की छवि बिगाड़ने वाले नेताओं पर बड़ी कार्रवाई

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बिहार——-

पटना: बिहार प्रदेश के कुछ बीजेपी नेताओं में सत्ता का नशा हावी हो रहा है। ऐसे नेता अपनी मर्यादाओं को लांघ कर कुछ ऐसा कारनामा कर रहे हैं जिससे पार्टी की फजीहत हो रही है। बिहार प्रदेश में एक-से-बढ़कर एक तपे तपाये नेता हुए हैं जिनके त्याग, बलिदान, जनसेवा की चर्चा आज भी होती रहती है। नेताओं को खासकर सत्ताधारी नेताओं को बहुत फूंक-फूंककर कदम रखना होता है। क्योंकि जन भरोसा को बनाये रखने के लिए उनका आचरण,वाणी और कार्य पर जनता बड़ी बारीकी से नजर रखती है।
पिछले दिनों बीजेपी के दारुबाज, गाली-गलौज करनेवाले, महिलाओं के संबंध में घीनौनी बातें करनेवाले कुछ जिलाध्यक्षों की करतूत जनता के सामने आई है। ऐसे नेताओं की करतूत से पार्टी की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। इससे संबंधित ऑडियो- विडियो सामने आने पर पार्टी ने कार्रवाई में देरी नहीं की है। भाजपा जैसी राष्ट्रीय स्तर की पार्टी के लिए ऐसे बिगड़ैल नेताओं को उनकी औकात बताना लाजिमी भी है।
बताया जाता है कि बिहार में बीजेपी के 45 संगठन है। इन संगठनों से एक साल के दरम्यान तीसरे जिलाध्यक्ष को पद से हटाया गया है। बीजेपी ने पिछले साल औरंगाबाद के दारुबाज जिलाध्यक्ष, शेखपुरा के गालीबाज जिलाध्यक्ष को पद से हटा दिया था। अब इस कड़ी में झंझारपुर के जिला अध्यक्ष का नाम भी जुड़ गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने झंझारपुर के शराबी जिलाध्यक्ष को हटाकर राघव कुमार को झंझारपुर का जिलाध्यक्ष बना दिया है।
औरंगाबाद के जिलाध्यक्ष संजय मेहता ने शराब पीकर ऐसा नंग-धड़ंग प्रदर्शन किया कि बीजेपी के राज्य नेतृत्व हक्का बक्का रह गये। शराब के नशे में वे अपना होशोहवास खो बैठे। नशा इतना चढ़ गया कि उनका पायजामा नीचे आ गया। उनका नंग-धड़ंग तस्वीर सामने आने के बाद बीजेपी नेतृत्व ने जिलाध्यक्ष पद से संजय मेहता को हटा दिया। फिर जून 2020 में शेखपुरा के बीजेपी जिलाध्यक्ष दोरो बिंद का एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें उन्होंने पार्टी की महिला नेताओं और एक खास समाज के विषय में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। फिर क्या था शीर्ष नेतृत्व ने इसका संज्ञान लेते हुए दोरो बिंद को पद से हटा दिया गया। वैसे बीजेपी में नये नेताओं के द्वारा अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने, महिला नेत्रियों के साथ अपशब्दों और घीनौनी बातें करने का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है। इसी क्रम में सीतामढ़ी की एक बीजेपी नेत्री के साथ बीजेपी पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के एक प्रदेश स्तरीय नेता फोन पर अपशब्दों का प्रयोग किया। आश्चर्य की बात है कि बीजेपी नेतृत्व ने उस नेता को प्रमोट करते हुए प्रदेश स्तर विंग का संयोजक बना दिया। वैसे सीतामढ़ी बीजेपी के नेताओं ने महिला के बारे में अपशब्द बोलने वाले नेता पर कार्रवाई के लिये पत्र भी लिखा था। लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पता चला है कि दरभंगा के एक बीजेपी नेता ने भी महिला विंग की एक सदस्या के बारे में अपशब्दों का प्रयोग किया था। जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ था। पिछले महीने झंझारपुर के बीजेपी जिलाध्यक्ष का शराब पीते विडियो वायरल हुआ था। जिलाध्यक्ष सियाराम साह का यह विडियो 19 जुलाई को सोशल मीडिया पर आया था।वायरल विडियो में सियाराम साह झंझारपुर जिला कार्यालय में बैठकर शराब पीते नजर आये। विपक्षी दल को एक बहुत अच्छा मसाला मिल गया था। लगे हाथ विपक्षी दलों ने सीएम नीतीश कुमार के शराबबंदी कानून की पोल खोलना शुरू कर दिया था। फिर क्या था झंझारपुर पुलिस हरकत में आकर उन पर शराबबंदी कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। दर्ज मुकदमा में दो अज्ञात लोगों का भी नाम था। तब जाकर बीजेपी की नींद खुली और शराबी जिलाध्यक्ष को हटाकर दूसरे को कमान सौंप दिया।

जे.पी.श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ, बिहार।

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