बिहार–
पटना: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डेहरी के निलम्बित एसडीओ सुनील कुमार सिंह के तीन ठिकानों पर इओयू द्वारा छापामारी की गई है। बताते हैं कि सुनील कुमार सिंह डेहरी एसडीओ के पद पर पदस्थापित रहते हुए अवैध बालू खनन माफियाओं के साथ उनकी संलिप्तता पाई गई थी। इसी आरोप में बिहार सरकार ने उन्हें निलंबित कर रखा है। सुनील कुमार सिंह बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी हैं।
बालू के अवैध खनन मामले के आरोपित अफसरों पर आर्थिक अपराध इकाई ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को आर्थिक अपराध इकाई ने डेहरी के तत्कालीन एसडीओ सुनील कुमार सिंह तीन ठिकानों पर छापेमारी की है,जिसमें बिहार और उत्तरप्रदेश के ठिकाने शामिल हैं। बताते चलें कि बालू के अवैध खनन मामले में आरोपित अफसरों के सम्पत्ति की जांच की यह पहली कार्रवाई है। इओयू को सुनील कुमार सिंह के विषय में पता चला था कि बालू माफियाओं से साठ-गांठ कर उन्होंने पटना एवं अन्य स्थानों पर करोड़ों रुपए मूल्य के जमीन और फ्लैट खरीदा है।
इओयू की टीम ने सुनील कुमार सिंह के गृह जिला गाजीपुर (यूपी), पालीगंज और पटना में एकसाथ छापेमारी की। सुनील सिंह की पत्नी पालीगंज की सीडीपीओ हैं। इओयू की तीन टीमें एक साथ छापामारी कर रही है। टीम का नेतृत्व डीएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। इओयू के अनुसार 1 मई 2021 से बालू उत्खनन का काम संबंधित ठेकेदार द्वारा बंद कर दिये जाने के बाद भी डिहरी अनुमंडल में कुछ जगहों पर बालू के उत्खनन एवं गैर कानूनी व्यापार करने संबंधी सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर इओयू ने टीम गठित कर जांच शुरू की थी। जांच के दरम्यान स्थानीय इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर यह पाया गया था कि बालू माफियाओं से तत्कालीन एसडीओ सुनील सिंह की अच्छी सांठगांठ है और उन्होंने करोड़ों की जमीन और फ्लैट खरीद रखे हैं।
इसी आधार पर उनकी सम्पत्ति की जांच इओयू द्वारा शुरू की गई।
जांच के बाद सुनील कुमार सिंह द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की पुष्टि होने पर इओयू ने 11 अगस्त को भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम के तहत सुनील कुमार सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया और शुक्रवार को छापेमारी शुरू कर दी। अभी तक की छापेमारी में सुनील कुमार सिंह के ठिकाने से क्या मिला है इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
जे.पी.श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ, बिहार।





