CM Yogi Ayodhya Visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो दिवसीय अयोध्या दौरा आज से शुरू हो रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री 10वें भव्य दीपोत्सव समारोह में शामिल होने के साथ कई धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास संबंधी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। दीपोत्सव-2026 को लेकर पूरी अयोध्या में उत्सव जैसा माहौल है। रामनगरी को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और प्रमुख घाटों, मंदिरों तथा आयोजन स्थलों पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। कार्यक्रम स्थलों पर अधिकारियों की तैनाती के साथ यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं की आवाजाही और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दीपोत्सव में देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।
CM Yogi Ayodhya Visit: हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद रामलला के दरबार पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे की शुरुआत धार्मिक कार्यक्रमों से होने की संभावना है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, रामकथा पार्क हेलीपैड पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करेंगे। यहां वह संकटमोचन हनुमान जी के सामने शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे। हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचेंगे। यहां रामलला के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होंगे। इसके साथ ही मंदिर परिसर में परिक्रमा का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। दीपोत्सव के अवसर पर राम मंदिर में होने वाली धार्मिक गतिविधियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेंगी।
रामकथा पार्क में होगा भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक
अयोध्या दीपोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह होगा। रामकथा पार्क में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से रामायण काल के उस प्रसंग को जीवंत किया जाएगा, जब लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। कार्यक्रम के तहत भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों का पुष्पक विमान के प्रतीकात्मक रूप में हेलीकॉप्टर से आगमन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपराष्ट्रपति और राज्यपाल भी इस आयोजन में मौजूद रहेंगे। आगमन के दौरान अतिथियों की ओर से भगवान श्रीराम के स्वरूपों का स्वागत किया जाएगा और पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच प्रतीकात्मक राज्याभिषेक संपन्न होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इस दौरान रामायण के प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगी।
56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी
दीपोत्सव-2026 को भव्य स्वरूप देने के लिए इस बार बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। आयोजन के तहत सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में होने वाला यह दीपदान समारोह रामनगरी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा। इसके अलावा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भी करीब एक लाख विशेष इको-फ्रेंडली दीप जलाने की योजना है। मंदिर परिसर में शुद्ध घी के दीपों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है, ताकि मंदिर की संरचना और कलात्मक हिस्सों पर धुएं एवं कालिख का असर कम से कम हो। दीपों की रोशनी से सरयू तट, राम की पैड़ी और आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों को सजाया जाएगा। शाम होते ही पूरी रामनगरी रोशनी से जगमगाती नजर आएगी।
2,100 से अधिक ड्रोन दिखाएंगे आसमान में रामायण के प्रसंग
इस बार दीपोत्सव में पारंपरिक धार्मिक आयोजनों के साथ आधुनिक तकनीक का भी खास इस्तेमाल किया जाएगा। आसमान में 2,100 से अधिक ड्रोन के जरिए विशेष शो आयोजित करने की तैयारी है। इस शो में भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण से जुड़े प्रमुख प्रसंगों को आकर्षक आकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं, राम की पैड़ी पर लेजर लाइट शो आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा लता मंगेशकर चौक पर लगी आधुनिक 3D स्क्रीन भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। डिजिटल तकनीक और पारंपरिक संस्कृति का यह संगम दीपोत्सव को एक अलग पहचान देने का प्रयास है। इन कार्यक्रमों के जरिए अयोध्या की धार्मिक विरासत को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
जैन महोत्सव में शामिल होंगे CM योगी, रामायण वैक्स म्यूजियम का करेंगे लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो दिवसीय अयोध्या प्रवास केवल दीपोत्सव समारोह तक सीमित नहीं रहेगा। इस दौरान कई अन्य धार्मिक और विकास संबंधी कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री श्री ऋषभ देव दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस धार्मिक आयोजन में जैन समाज के संतों और श्रद्धालुओं की भागीदारी रहेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री नवनिर्मित रामायण वैक्स म्यूजियम का लोकार्पण भी करेंगे। इस म्यूजियम के माध्यम से रामायण के प्रमुख पात्रों और प्रसंगों को प्रदर्शित करने की योजना है। इससे अयोध्या आने वाले पर्यटकों को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास जी के जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस दौरान संतों से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेने का कार्यक्रम है।
त्रिवेणी वन फॉरेस्ट सिटी में पौधरोपण कर देंगे पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का एक कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह दशरथ पथ के नजदीक रामपुर हलवारा गांव स्थित त्रिवेणी वन फॉरेस्ट सिटी पहुंचेंगे। यहां पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र विकसित करने का संदेश देंगे। इस कार्यक्रम के जरिए विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जाएगा। अयोध्या में धार्मिक पर्यटन के विस्तार के साथ हरित और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दीपोत्सव से स्थानीय व्यापारियों और कारीगरों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे से पहले प्रदेशवासियों के नाम पत्र जारी कर लोगों से परिवार सहित दीपोत्सव में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने दीपोत्सव को धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला आयोजन बताया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस आयोजन से स्थानीय कुम्हारों, किसानों, बुनकरों, हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक अवसर मिलते हैं। लाखों दीपों की मांग से स्थानीय कुम्हारों को काम मिलता है, जबकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से होटल, परिवहन, खानपान और अन्य कारोबारों को भी गति मिलती है। अयोध्या में धार्मिक पर्यटन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हर महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय प्रवास और दीपोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों की संभावित भागीदारी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। प्रमुख मंदिरों, घाटों, हेलीपैड और सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रमुख स्थानों की निगरानी की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि दीपोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
धार्मिक विरासत और आधुनिक विकास का संगम बनेगा अयोध्या दीपोत्सव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो दिवसीय अयोध्या दौरा इस वर्ष के दीपोत्सव आयोजन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। रामलला के दर्शन, भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक, लाखों दीपों का प्रज्ज्वलन, ड्रोन शो और विभिन्न धार्मिक एवं विकास कार्यक्रम इस प्रवास को खास बनाएंगे। दीपोत्सव के जरिए अयोध्या की धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। अब सभी की नजरें दीपोत्सव के मुख्य आयोजन पर टिकी हैं। सरयू के घाटों पर जगमगाते दीप, रामायण की झलक दिखाता ड्रोन शो और रामकथा पार्क में होने वाला प्रतीकात्मक राज्याभिषेक इस बार के आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहने वाले हैं।






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