Ayodhya Deepotsav 2026: राम नगरी अयोध्या में 10वें भव्य दीपोत्सव 2026 के अवसर पर आस्था, भक्ति और आधुनिक तकनीक का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष अयोध्या दौरे ने इस बार के उत्सव को और भी दिव्य और ऐतिहासिक बना दिया। इस अलौकिक महोत्सव में भारत के उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मुख्य रूप से शामिल हुए। त्रेतायुग की यादें ताजा करते हुए इस बार अयोध्या के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया गया।

Ayodhya Deepotsav 2026: हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में सीएम योगी का दर्शन-पूजन
अयोध्या पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे की शुरुआत सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर जाकर की। संकटमोचन हनुमान जी के दरबार में सीएम योगी ने पूरी आस्था और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और उत्तर प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। हनुमानगढ़ी में हाजिरी लगाने के बाद मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने प्रभु श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और चरणों में शीश नवाया। दर्शन के दौरान एक अनोखा पल तब देखा गया, जब मुख्यमंत्री ने अपनी जेब से एक लिफाफा निकाला और श्रद्धापूर्वक उसे राम मंदिर की दान पेटी में अर्पित किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर की सुरक्षा और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण भी किया।
उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का भव्य स्वागत और रामकथा पार्क का आयोजन
इस साल के दीपोत्सव को और अधिक गरिमापूर्ण बनाने के लिए उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन विशेष रूप से अयोध्या पहुंचे। अयोध्या आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। रामकथा पार्क में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान त्रेतायुग के उस पावन क्षण को जीवंत किया गया, जब भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपों को पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से उतारा गया। (Ayodhya Deepotsav 2026)

सीएम योगी ने गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाते हुए सभी स्वरूपों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मिलकर भगवान के दिव्य रथ को अपने हाथों से खींचा और उन्हें मंच तक ले गए, जिसे देखकर वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

30 लाख दीपों का महा-रिकॉर्ड और सरयू आरती
दीपोत्सव का सबसे मुख्य और आकर्षक हिस्सा सरयू नदी के तट पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में और लगभग 35,000 वालंटियर्स की कड़ी मेहनत से सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये एक साथ प्रज्वलित किए गए। इसके अलावा, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर को भी एक लाख दीपों से रोशन किया गया। पूरी रामनगरी दीपों के प्रकाश से नहा उठी और चारों ओर ‘जय श्री राम’ के नारे गूंजने लगे। इसके बाद सीएम योगी और उप-राष्ट्रपति ने सरयू नदी के तट पर भव्य सरयू महा आरती में भाग लिया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूरी नदी का तट आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। (Ayodhya Deepotsav 2026)

आसमान में लेजर शो और 2,100 ड्रोन का अद्भुत तमाशा
रात होते ही अयोध्या का आसमान आधुनिक तकनीक की रोशनी से जगमगा उठा। राम की पैड़ी पर एक शानदार लेजर लाइट शो और प्रोजेक्शन मैपिंग का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से भगवान श्री राम के जीवन चरित्र और रामायण की प्रमुख घटनाओं को प्रदर्शित किया गया। इस लेजर शो के साथ-साथ 2,100 स्वदेशी ड्रोनों का एक भव्य ड्रोन शो भी पेश किया गया।

इन ड्रोनों ने रात के अंधेरे में आसमान में एक साथ मिलकर भगवान श्री राम के धनुष बाण तानते हुए, माता सीता के साथ उनके आलिंगन और दशानन रावण के वध जैसी अद्भुत आकृतियां बनाईं। आसमान में हो रही इस डिजिटल आतिशबाजी और लेजर शो ने वहां मौजूद देश-विदेश के मेहमानों और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अयोध्या में सुरक्षा का कड़ा पहरा, 6000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
इस महा-आयोजन की भव्यता, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उप राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री जैसे VVIP महानुभावों की सुरक्षा को देखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अयोध्या में अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है। सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए पूरी रामनगरी को 20 जोन और 53 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इस सुरक्षा रणनीति के तहत जमीन से लेकर आसमान और सरयू नदी के पानी तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। (Ayodhya Deepotsav 2026)

सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और कमान
आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए चप्पे-चप्पे पर फोर्स मुस्तैद की गई है। 6000 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा की मुख्य कमान संभाल रहे हैं। सुरक्षा चक्र की कमान 20 अपर पुलिस अधीक्षक (ADSP) और 45 क्षेत्राधिकारी (CO) के हाथों में सौंपी गई है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पीएसी (PAC) की 9 कंपनियां और आरएएफ (RAF) की 3 कंपनियां मुख्य आयोजन स्थलों पर मोर्चा संभाले हुए हैं।
एलीट कमांडो और आपातकालीन टीमें
किसी भी प्रकार के खतरे या आपात स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक हथियारों से लैस विशेष दस्तों को तैनात किया गया है। यूपी एटीएस (ATS) की दो कमांडो टीमें संवेदनशील और प्रमुख रणनीतिक स्थानों पर तैनात हैं। आतंकी खतरों और खुफिया इनपुट को देखते हुए एनएसजी (NSG) कमांडो को भी अलर्ट और ऑन-ड्यूटी रखा गया है। सरयू नदी और घाटों पर किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और पीएसी की फ्लड कंपनी मुस्तैद हैं। (Ayodhya Deepotsav 2026)

सख्त रूट डायवर्जन और एंट्री पास सिस्टम
भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने और सुरक्षा को अचूक रखने के लिए यातायात पर सख्त नियम लागू किए गए हैं।धर्म पथ और राम पथ जैसे प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। राम की पैड़ी से करीब 500 से 700 मीटर पहले ही सभी सामान्य व व्यावसायिक वाहनों को रोक दिया गया है, जहाँ से आगे केवल पैदल जाने की अनुमति है। आयोजन के मुख्य स्थलों के अंदर केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है, जिनके पास प्रशासन द्वारा जारी विशेष एंट्री पास हैं। पुलिस हर मोड़ पर पास की सघन चेकिंग कर रही है।
तकनीकी निगरानी: सीसीटीवी और ड्रोन का पहरा
मैनपावर के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाया गया है। पूरी अयोध्या नगरी में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है, जिसकी लाइव मॉनिटरिंग एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जा रही है। आसमान से उपद्रवियों और भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। (Ayodhya Deepotsav 2026)
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा अयोध्या को दुनिया के बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी इस भव्य आयोजन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अयोध्या अब सिर्फ स्मार्ट सिटी या सोलर सिटी ही नहीं, बल्कि दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है। 30 लाख दीपों से जगमगाती अयोध्या और शानदार लेजर शो की याद लोगों के दिलों में लंबे समय तक बनी रहेगी।





