AMU Elections 2026: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के छात्रसंघ चुनाव 2026 में नशरा नईम ने इतिहास रच दिया है। वह विश्वविद्यालय के छात्रसंघ में उपाध्यक्ष बनने वाली पहली महिला हैं। 8 साल बाद हुए इन चुनावों में उनकी जीत को कैंपस की छात्र राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। वह छात्रसंघ के तीन प्रमुख पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव में से किसी एक पर चुनी जाने वाली पहली महिला उम्मीदवार हैं। 5 नवंबर 2026 को हुए मतदान के नतीजे 6 नवंबर की सुबह घोषित किए गए। इसमें लॉ की छात्रा नशरा नईम को उपाध्यक्ष चुना गया। यह चुनाव इसलिए भी खास था क्योंकि AMU में पिछले 8 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए थे। छात्रों के लंबे विरोध और चुनाव कराने की मांग के बाद दोबारा मतदान हुआ। नशरा की जीत ने छात्र राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर एक नई चर्चा शुरू कर दी है।
AMU Elections 2026: कौन हैं नशरा नईम?
नशरा नईम उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली हैं। फिलहाल उनका परिवार लखनऊ में रहता है। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की लॉ फैकल्टी की छात्रा हैं और पांच साल के BA LLB कोर्स की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ नशरा सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकार और समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखती रही हैं। उनकी रुचि मास मीडिया और पत्रकारिता में भी है। वह इन माध्यमों के जरिए उन लोगों की आवाज उठाने में विश्वास रखती हैं, जिन्हें अक्सर अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलता। नशरा छात्र संगठन ‘फ्रेटरनिटी मूवमेंट’ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सदस्य भी हैं। वह पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली और AMU कैंपस की छात्र राजनीति में सक्रिय रही हैं। (AMU Elections 2026)
कैसे रचा इतिहास: चुनाव में मिले 7,091 वोट
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (AMUSU) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव जैसे प्रमुख पदों पर अब तक पुरुष ही चुने जाते रहे हैं। लेकिन 2026 के चुनाव में नशरा नईम ने उपाध्यक्ष पद जीतकर यह इतिहास बदल दिया। इस पद के लिए कुल सात उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। नशरा को 7,091 वोट मिले, जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी साकिब अली खान को 5,818 वोट मिले। इस तरह नशरा ने 1,273 वोटों से जीत हासिल की। मतगणना के शुरुआती दौर में दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला था। हालांकि, आखिरी राउंड में नशरा को ज्यादा वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। इस चुनाव में इतिहास विभाग के शोधार्थी मोहम्मद नोमान अशरफ अध्यक्ष और बीटेक के छात्र मोहम्मद हमदान मानद सचिव चुने गए।
8 साल बाद चुनाव, छात्रों ने किया लंबा संघर्ष
AMU में पिछले 8 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए थे। इस वजह से छात्र लंबे समय से चुनाव कराने और कैंपस में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर छात्रों ने कई महीनों तक धरना और विरोध प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं, कुछ छात्रों ने 19 दिनों तक भूख हड़ताल भी की। नशरा नईम भी इस आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहीं और छात्रों के साथ मिलकर चुनाव कराने की मांग उठाती रहीं। चुनाव से दो दिन पहले ऐतिहासिक यूनियन हॉल के मंच से अपने भाषण में नशरा ने कहा था, “यह चुनाव 8 साल के जुल्मों का हिसाब लेने का जरिया है।” 5 नवंबर को हुए मतदान में 74.65 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। बड़ी संख्या में छात्रों का मतदान में हिस्सा लेना इस चुनाव की अहम बात रही। (AMU Elections 2026)
नशरा नईम का एजेंडा और 14 सूत्रीय घोषणापत्र
नशरा नईम ने चुनाव के दौरान सिर्फ अपनी महिला उम्मीदवार होने की बात नहीं की, बल्कि छात्रों के सामने अपनी योजनाएं भी रखीं। उन्होंने 14 सूत्रीय घोषणापत्र जारी किया। इस घोषणापत्र में ऐसी छात्रसंघ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है, जिसमें छात्रों की समस्याओं को सुना जाए और उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाए। उनका उद्देश्य एक ऐसा छात्रसंघ बनाना है, जिससे छात्र आसानी से संपर्क कर सकें और जो उनके प्रति जवाबदेह हो। नशरा का मानना है कि AMU जैसे अल्पसंख्यक संस्थानों से आने वाले नेताओं को कई बार राष्ट्रीय स्तर पर संदेह की नजर से देखा जाता है। जबकि ऐसे नेता अपने समुदाय और उसके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठा सकते हैं।
जीत के बाद मीडिया से बातचीत में नशरा ने कहा कि नेतृत्व को नए तरीके से समझने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ सालों में विश्वविद्यालय में कई समस्याएं सामने आई हैं। साथ ही, उन्होंने अपनी जीत का श्रेय अपनी पूरी टीम और उन छात्रों को दिया, जिन्होंने कम संसाधनों और मुश्किल हालात में भी उनका साथ दिया। (AMU Elections 2026)
AMU की छात्र राजनीति में बदलाव का नया दौर
नशरा नईम की जीत को AMU की छात्र राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले विश्वविद्यालय को अपनी पहली महिला वाइस चांसलर प्रोफेसर नईमा खातून मिली थीं। अब छात्रसंघ के प्रमुख पद पर भी पहली बार किसी महिला ने जीत हासिल की है। नशरा की जीत के बाद AMU कैंपस में छात्रों ने जश्न मनाया। सोशल मीडिया पर भी देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने उन्हें बधाई दी। उनकी यह जीत दूसरी छात्राओं के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। इससे उन्हें छात्र राजनीति में आगे आने, अपनी बात रखने और विश्वविद्यालय से जुड़े फैसलों में हिस्सा लेने का प्रोत्साहन मिल सकता है।






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