Ghaziabad Blast: गाजियाबाद की पुलिस चौकी में धमाका, तहरीक-उल-मुजाहिदीन ने ली जिम्मेदारी; ATS ने शुरू की जांच

Ghaziabad Vasundhara Police Chowki Blast

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Ghaziabad Vasundhara Police Chowki Blast: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार रात एक जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। यह विस्फोट इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी के अंदर हुआ। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबरा गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित संगठन ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ ने धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इस दावे के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हालांकि, इस दावे की सच्चाई की अभी जांच की जा रही है।

धमाके में फूड डिलीवरी बॉय विशाल घायल

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाका हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि चौकी के दो कमरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। इसके अलावा परिसर की एक दीवार में भी दरार आ गई। धमाके के समय चौकी के अंदर एक सब-इंस्पेक्टर और 20 वर्षीय फूड डिलीवरी बॉय विशाल मौजूद थे। विशाल वहां सामान पहुंचाने आया था। इसी दौरान हुए धमाके और खिड़कियों के टूटे शीशों की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सूर्य नगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में पुलिस को आशंका थी कि धमाका एसी में शॉर्ट सर्किट या किसी पटाखे अथवा रॉकेट के गिरने से हुआ होगा। लेकिन सोशल मीडिया पर एक संगठन की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा किए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा

धमाके के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘गाजी 2’ नाम के एक अकाउंट से पोस्ट और वीडियो शेयर किया गया। इस पोस्ट में दावा किया गया कि ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ नाम का संगठन वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके की जिम्मेदारी लेता है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पुलिस अब इस अकाउंट और पोस्ट की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जिम्मेदारी लेने का दावा सही है या किसी ने जानबूझकर अफवाह फैलाने के लिए ऐसा किया है। फिलहाल जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े डिजिटल सबूतों की भी पड़ताल कर रही हैं।

ATS और फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच

मामले में किसी साजिश की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS), बम निरोधक दस्ता (BDS) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमें गाजियाबाद पहुंचीं। टीमों ने घटनास्थल को सील कर दिया और वहां से जरूरी सबूत इकट्ठा किए। जांच के दौरान मौके से बारूद के संभावित अंश, केमिकल के नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं। इन नमूनों को आगे की जांच के लिए आगरा की लैब भेजा गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट से धमाके की वजह का पता लगाने में मदद मिल सकती है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पुलिस चौकी के आसपास सीधे सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। ऐसे में पुलिस अब आसपास की सड़कों और चौराहों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना से जुड़ी कोई अहम जानकारी मिल सके। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल धमाके को लेकर किसी एक वजह की पुष्टि नहीं हुई है। जांच में दुर्घटना और साजिश, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

गाजियाबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा, संदिग्धों पर नजर

दिल्ली-एनसीआर के नजदीक स्थित गाजियाबाद में पुलिस चौकी के अंदर हुए धमाके को सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया जा रहा है। घटना के बाद जिले में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वहीं, एटीएस और साइबर सेल की संयुक्त टीमें उस सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही हैं, जहां से धमाके की जिम्मेदारी लेने वाला संदेश पोस्ट किया गया था। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अकाउंट को कौन चला रहा है और पोस्ट कहां से की गई थी। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं। धमाके की असली वजह और सोशल मीडिया पर किए गए दावे की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

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