Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिवाली से पहले राज्य के 2.72 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन कर्मचारियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी करने का आदेश जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों का मानदेय तय किया गया है। इससे कर्मचारियों को पहले के मुकाबले ज्यादा वेतन मिलेगा और उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी।
2.72 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों, निगमों और प्राधिकरणों में काम करने वाले 2.72 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को इस फैसले का फायदा मिलेगा। प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान की ओर से जारी आदेश के अनुसार, बढ़ा हुआ मानदेय 2 सितंबर 2026 से लागू माना जाएगा। कर्मचारियों को नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर के वेतन के साथ सितंबर महीने का बकाया पैसा यानी एरियर भी दिया जाएगा।
चार श्रेणियों में तय किया गया नया मानदेय
सरकार ने कर्मचारियों को चार श्रेणियों में बांटकर उनका मासिक मानदेय तय किया है।
श्रेणी-1: इस श्रेणी के कर्मचारियों को हर महीने 39,000 रुपये मिलेंगे। इनके वेतन से ईपीएफ और ईएसआई की कटौती नहीं होगी। इसके अलावा, सरकार 1,501 रुपये सर्विस चार्ज और 390 रुपये यूपीकास सेंटेज का भुगतान करेगी।
श्रेणी-2: इस श्रेणी के कर्मचारियों का मासिक मानदेय 21,947 रुपये तय किया गया है। इसमें से 2,633.64 रुपये ईपीएफ और 160.60 रुपये ईएसआई के लिए काटे जाएंगे। कटौती के बाद कर्मचारियों के बैंक खाते में 19,148.76 रुपये आएंगे। सरकार की ओर से इनके ईपीएफ खाते में 2,633.64 रुपये और ईएसआई खाते में 713.28 रुपये जमा किए जाएंगे। इसके अलावा, 844.96 रुपये सर्विस चार्ज और 219 रुपये यूपीकास सेंटेज का भुगतान भी सरकार करेगी।
श्रेणी-3: इस श्रेणी के कर्मचारियों का मासिक मानदेय 19,446 रुपये निर्धारित किया गया है। इनके वेतन से 2,333.22 रुपये ईपीएफ और 145.85 रुपये ईएसआई की कटौती होगी। इसके बाद कर्मचारियों को 16,966.64 रुपये इन-हैंड सैलरी मिलगी। सरकार इनके ईपीएफ खाते में 2,333.52 रुपये और ईएसआई खाते में 632 रुपये जमा करेगी। साथ ही, 748.67 रुपये सर्विस चार्ज और 194 रुपये यूपीकास सेंटेज भी दिया जाएगा।
श्रेणी-4: इस श्रेणी के कर्मचारियों को हर महीने 17,646 रुपये मानदेय मिलेगा। इसमें से 2,117.52 रुपये ईपीएफ और 132.35 रुपये ईएसआई के लिए काटे जाएंगे। कटौती के बाद कर्मचारियों को 15,396.14 रुपये मिलेंगे। सरकार इनके ईपीएफ खाते में 2,117.52 रुपये और ईएसआई खाते में 573.50 रुपये जमा करेगी। इसके अलावा, 679.37 रुपये सर्विस चार्ज और 176 रुपये यूपीकास सेंटेज का भुगतान भी किया जाएगा।
जीएसटी और सर्विस चार्ज का खर्च सरकार उठाएगी
योगी सरकार ने यह भी साफ किया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय पर लगने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कर्मचारियों पर नहीं डाला जाएगा। सभी श्रेणियों के मानदेय पर लगने वाला 18 प्रतिशत जीएसटी सरकार खुद जमा करेगी। इसके अलावा, कर्मचारियों के वेतन से 12 प्रतिशत ईपीएफ और 0.75 प्रतिशत ईएसआई की कटौती होगी। वहीं, सरकार की ओर से दिया जाने वाला 12 प्रतिशत ईपीएफ और 3.25 प्रतिशत ईएसआई का हिस्सा भी संबंधित विभाग जमा करेंगे। जेम पोर्टल या एजेंसियों को दिए जाने वाले सर्विस चार्ज और उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPKAS) के 1 प्रतिशत सेंटेज चार्ज का भुगतान भी सरकार करेगी। यानी इन अतिरिक्त खर्चों का भुगतान कर्मचारियों के मानदेय से नहीं किया जाएगा।
UPKAS पोर्टल से मिलेगी कर्मचारियों को राहत
सरकार इस नई व्यवस्था को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPKAS) के माध्यम से लागू कर रही है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। नई व्यवस्था से ठेकेदारों और बिचौलियों की मनमानी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, कर्मचारियों को उनका वेतन सीधे बैंक खाते में मिलने की व्यवस्था होगी। उन्हें पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।





