कलोनी अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर हमला, तहसीलदार की गाड़ी व जेसीबी के शीशे तोड़े, ग्रामीणों ने लगाया भेदभाव का आरोप

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शाहाबाद (जितेंद्र कुमार शर्मा)

राज्य सरकार के निर्देशों एवं जिला कलेक्टर के आदेश की पालना में चारागाह एवं तालाब पेटे की भूमि से अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर ग्राम पंचायत मुंडियर की ग्राम कॉलोनी में अतिक्रमियों द्वारा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहपुर कॉलोनी व मुंडियर क्षेत्र में चारागाह तथा तालाब पेटे डूब क्षेत्र की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने हेतु तहसीलदार शाहाबाद के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। यह कार्रवाई PLPC की सतर्कता में दर्ज प्रकरण के तहत की जा रही थी।
गुरुवार को जब प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की, तो अतिक्रमणकारियों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गहमागहमी बढ़ गई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि उग्र ग्रामीणों ने पुलिस एवं राजस्व टीम पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया।
हमले के दौरान तहसीलदार की सरकारी वाहन के शीशे तोड़ दिए गए, वहीं कार्रवाई में लगी जेसीबी मशीन के कांच भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। इस घटनाक्रम में तहसीलदार सहित कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। हालात बेकाबू होते देख प्रशासनिक टीम को अपनी जान बचाकर मौके से पीछे हटना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा हमले में शामिल दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किसी भी स्थिति में नहीं रोकी जाएगी।
शाहाबाद तहसील के कॉलोनी गांव में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर हुए पथराव की घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात बन गए हैं। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जिससे पूरा कॉलोनी गांव छावनी में तब्दील हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा अचानक पथराव किया गया। इस दौरान तहसीलदार महोदय की सरकारी गाड़ी पर पथराव किया गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने में लगी JCB मशीन के साथ भी तोड़फोड़ किए जाने की सूचना है। पथराव में पुलिस व प्रशासन की कई अन्य गाड़ियों के कांच भी टूट गए।
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए सीओ रिछपाल मीणा के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की। पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार अब तक करीब एक दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर, ग्रामीणों विशेषकर जाटव समाज के लोगों ने प्रशासन पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में चारागाह भूमि पर स्वर्ण वर्ग सहित अन्य वर्गों के लोगों द्वारा भी अतिक्रमण किया गया है, लेकिन प्रशासन ने पहले गरीब और कमजोर वर्गों के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, जिससे आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सभी वर्गों के अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई होती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। उनका कहना है कि प्रशासन को निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में की जा रही है और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।