Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान ने जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की गई अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आजम खान के वकीलों का कहना है कि दोहरे पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जैसे ही वह रामपुर जेल से बाहर आए, महज 40 मिनट के अंदर ईडी ने उन्हें एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया। आजम खान के वकीलों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें एक मामले में जमानत मिलने के बाद दूसरे मामले में गिरफ्तार करके जेल में रखा जा रहा है। वकीलों ने इसे कानून का गलत इस्तेमाल बताया है। गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद उनके वकील निजाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जल्द सुनवाई की मांग की।
40 मिनट बाद ही आजम खान को फिर क्यों किया गया गिरफ्तार?
आजम खान की गिरफ्तारी से जुड़ा यह मामला अक्टूबर 2026 के आखिरी दिनों का है। 29 अक्टूबर 2026 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दोहरे पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत दे दी थी। कोर्ट ने उनकी 10 साल की सजा पर रोक लगा दी थी, लेकिन उन्हें दोषी ठहराए जाने के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 31 अक्टूबर 2026 को जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर आजम खान रामपुर जेल से बाहर आए। लेकिन जेल से निकलने के करीब 40 मिनट बाद ही ईडी की टीम ने उन्हें जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया।
1 नवंबर 2026 को ईडी ने आजम खान को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद उन्हें डासना जेल में रखा गया। इसके बाद 2 नवंबर 2026 को आजम खान के वकील ने इस गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने हुई।
सुप्रीम कोर्ट में आजम खान के वकील ने क्या दलील दी?
सुप्रीम कोर्ट में आजम खान के वरिष्ठ वकील निजाम पाशा ने कहा कि उनके मुवक्किल को बार-बार अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया जा रहा है। उनका आरोप है कि जब भी आजम खान को किसी मामले में जमानत मिलती है, जांच एजेंसियां किसी पुराने मामले में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लेती हैं। वकील ने बताया कि ईडी ने यह गिरफ्तारी करीब सात साल पुरानी एफआईआर के आधार पर की है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि आजम खान के खिलाफ अब तक 87 मामले दर्ज हो चुके हैं और यह 88वां मामला है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए आजम खान को जेल में रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये आरोप आजम खान के वकीलों की ओर से लगाए गए हैं।
आजम खान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने आजम खान के वकीलों की बातें सुनीं। हालांकि, कोर्ट ने मामले की तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि याचिका को इसी हफ्ते नियमित सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर आजम खान को राहत चाहिए तो वह इलाहाबाद हाई कोर्ट भी जा सकते हैं। इस तरह फिलहाल आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल कोई राहत नहीं मिली है। अब मामले की अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।
क्या है जौहर ट्रस्ट से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला?
आजम खान के खिलाफ ईडी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दर्ज करीब 58 एफआईआर से जुड़ी है। ये मामले आजम खान और उनके करीबियों के खिलाफ दर्ज किए गए थे। ईडी का आरोप है कि सरकारी विभागों और सार्वजनिक कामों के लिए मिलने वाले पैसे का गलत इस्तेमाल किया गया और उस रकम को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में लगाया गया। आरोप यह भी है कि आजम खान ने उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और जल निगम के अध्यक्ष रहते हुए अपने पद का गलत इस्तेमाल किया।
ईडी के मुताबिक, विश्वविद्यालय के निर्माण में 400 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई और 80 करोड़ रुपये से ज्यादा के सरकारी धन का हेरफेर किया गया। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं। इस मामले में गिरफ्तारी से पहले 28 अक्टूबर 2026 को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया था। इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये बताई गई है।
आजम खान की कानूनी मुश्किलें बरकरार, सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद
78 वर्षीय आजम खान पिछले कई सालों से अलग-अलग कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी और आजम खान के समर्थकों का कहना है कि उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से हो रही है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियों और राज्य सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और सरकारी जमीन व पैसों के गलत इस्तेमाल से जुड़े मामलों में कानून के तहत की जा रही है। फिलहाल आजम खान की दोबारा गिरफ्तारी का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट उनकी गिरफ्तारी को लेकर क्या फैसला सुनाता है और क्या उन्हें इस मामले में जमानत या कोई अंतरिम राहत मिलती है। इस मामले की सुनवाई इसी हफ्ते होने की संभावना जताई जा रही है।





