जालसाजों ने लगाया करोड़ों का चूना, विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

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बिहार——-

पटना: मिली जानकारी के अनुसार राजधानी पटना में विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजों ने वीजा बनवाने के लिए करोड़ों रुपये लोगों से ठग लिया है। बताते हैं कि पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत डाकबंगला चौराहे पर चल रही एक कंपनी पर यह आरोप लगा है।कंपनी का नाम जीवीएम मैन पावर बताया जा रहा है। कंपनी पर आरोप है कि बिहार और यूपी के तकरीबन 300 लोगों में से किसी से 10000/-रुपये तो किसी से15000/- रुपये तक की ठगी की है।
कंपनी ने बेरोजगार लोगों को यह झांसा दिया कि उन्हें विदेश में नौकरी लगवाई जायेगी। इसके लिए वीजा, पासपोर्ट आदि कंपनी अपने स्तर से बनवायेगी। इसमें 10000/- रुपये से लेकर 15000/- रुपये तक खर्च आयेगा। बेरोजगार युवाओं ने विदेश में नौकरी मिलने के प्रलोभन में आंखमूंद कर कंपनी के आदमी के हवाले मांगी गई रकम जमा करा दी।
आरोप है कि कंपनी ने रुपये लेकर फर्जी वीजा उपलब्ध करा दिया और नौकरी देने के नाम पर टालमटोल करने लगी। रुपये देनेवाले लोगों ने अपने रुपये वापस करने के लिए कंपनी पर दबाव बनाना शुरू किया लेकिन कंपनी टालमटोल करती रही।बताते हैं कि एक सप्ताह पहले यह मामला जानकारी में आ गई थी। पुलिस भी शुरुआती दौर में सुस्ती दिखाती रही। लेकिन जब यह मामला नियोजन विभाग तक पहुची तब नियोजन विभाग के प्रोटेक्टर ऑफ इमीग्रेंट रितेश राज ने इस पूरे मामले की अपने स्तर से छानबीन शुरू कर दी।
छानबीन में प्रथमदृष्टया मामला सही पायेजाने पर प्रोटेक्टर ऑफ इमीग्रेंट रितेश राज ने लोगों की शिकायत के आधार पर जीबीएम मैन पावर कंपनी के डायरेक्टर मिथिलेश पाण्डेय समेत 15 लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया गया है। केस दर्ज कराये जाने के बाद कोतवाली पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू कर दी है।पता चला है कि पुलिस आरोपियों के विषय में बहुत कुछ जानकारी प्राप्त कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे। सवाल खड़ा होता है कि राजधानी पटना में सरकार और प्रशासन के नाक के नीचे ठगी का इतना बड़ा धंधा चल रहा था और इसकी भनक तक सरकार या जिला प्रशासन को नहीं लग पाई।
जब जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाली बात यह पता चली की जीवीएम मैन पावर नाम की कंपनी का कहीं रजिस्ट्रेशन नहीं है। जबकि इस कंपनी ने पटना के अलावा गुड़गांव और विशाखापत्तनम में भी अपना कार्यालय खोले हुए है। पता चला है कि पटना के नियोजन भवन स्थित इमिग्रेशन दफ्तर में 100 से अधिक लोगों ने शिकायत दर्ज कराया है। बताया जाता है कि बिहार और झारखंड के कई जिलों के लोग विदेश जाने के लिए इस कंपनी से संपर्क किया था।कंपनी ने लोगों को आबूधाबी,एडनाक और नेशनल पेट्रोलियम कंपनी में नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाया था जिसके झांसे में आकर लोग आंखमूंद कर इस कंपनी पर विश्वास कर लिया था। जब कंपनी के अचानक फरार होने की जानकारी लोगों को हुई तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई।
इस मामले में बिहार सरकार के श्रम मंत्री जीवेश कुमार ने कड़ी कार्रवाई का निर्देश देते हुए कहा कि दोषी चाहे जो कोई भी हो बख्शे नहीं जायेंगे।
जे.पी.श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ, बिहार।

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