बिहार——–
जे.पी.श्रीवास्तव, बिहार
मोतिहारी: चाइल्डलाइन मोतिहारी द्वारा लिखित शिकायत का संज्ञान लेते हुए श्रम अधीक्षक राकेश रंजन, पूर्वी चम्पारण ने एक धावा दल का गठन किया। इस धावा दल में जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक धीरज कुमार,श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हरसिद्धि राकेश कुमार,श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी केसरिया, अनिल कुमार सिन्हा,श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी घोड़ासहन,राम प्यारे लाल,श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुगौली पुरुषोत्तम कुमार, रविन्द्र भूषण, सहायक पुलिस अवर निरीक्षक श्यामनंदन दास,EFICOR संस्था से नारायण कुमार एवं निवेश कुमार,प्रथम संस्था के दीपु कुमार,डंकन हाॅस्पिटल से एडिसन एवं दिलीप कुमार,अनु०जाति/जनजाति से 3 पुलिस कर्मी, पुलिस लाइन से 12 पुलिस कर्मी सहित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट पूर्वी चम्पारण की टीम शामिल था।
धावा दल द्वारा शुद्ध शाकाहारी भोजनालय,छतौनी बस स्टैंड के दुकान से 3 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया।इसी प्रकार चकिया अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन अभियान चलाया गया। जांच के क्रम में कुल 12 श्रमिकों/बच्चों को मुक्त कराया गया। भारत स्वीट्स,पुराना बाईपास बारा चकिया,ओशो साइकिल साहब, हाॅस्पिटल रोड चकिया,नास्ता दुकान, चकिया,तैयब साहब दुकान, चकिया, महमुद आलम दुकान, चकिया, महमुद गैरेज मधुबनी रोड, चकिया, अर्जुन वर्कशॉप, चकिया से 1-1 बाल श्रमिक तथा तृप्ति मीट कार्नर से 2 बाल श्रमिक कुल 12 बाल श्रमिकों/बच्चों को मुक्त कराया गया।इसके अलावा चकिया बाजार में भटकते हुए एक अज्ञात बालक सहित सभी मुक्त कराये गये बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति मोतिहारी के समक्ष लाकर बाल गृह में रखने के लिए उनके सुपुर्द कर दिया गया।
श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम(प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम,1986 के अंतर्गत बाल श्रमिकों से कार्य करानेवाले व्यक्तियों को 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक जुर्माना और दो वर्षों तक के कारावास की सजा हो सकती है। इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में सभी नियोजकों को प्रति श्रमिक 20 हजार रुपए की वसूली की जायेगी।




