बिहार में एएनएम की फर्जी नियुक्ति के मामले का हुआ पर्दाफाश, दर्ज हुई प्राथमिकी

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बिहार ——-

जे.पी.श्रीवास्तव, बिहार

पटना:कोविड-19 कोरोना महामारी से निपटने के लिए बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुबंध पर एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को नियोजित करने के लिए प्रत्येक जिला के डीएम और सिविल सर्जन को पत्र निर्गत कर जरुरी निर्देश दिया गया था। उक्त निर्देश के आलोक में एक दो जिला को छोड़कर अन्य जिलों में बहाली नहीं की जा सकी। इसका लाभ उठाते हुए कुछ असामाजिक तत्व एवं बिचौलियों ने फर्जी तरीके से एएनएम की बहाली करवा दी। न केवल बहाली करवा दी बल्कि उनलोगों को विभिन्न जिलों में ज्वाइन भी करवा दिया और अस्पताल में सीट भी आवंटन करवा दिया।
सोचने वाली बात यह है कि बिना स्वास्थ्य विभाग के कर्मी के मिलीभगत से ऐसा हो पाना संभव हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग को जब फर्जी बहाली की जानकारी हुई तब विभाग के कान खड़े हुए।
मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ कौशल कुमार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए 94 एएनएम के फर्जी आवंटन के खिलाफ सचिवालय थाना में एफआईआर दर्ज कराया है। विडंबना यह है कि स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से 94 एएनएम की नियुक्ति का प्रस्ताव फर्जीवाड़े द्वारा गलत ढंग से किया गया है जिसका खंडन स्वास्थ्य विभाग की ओर से करते हुए इसे फर्जी बताया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी को मानें तो इससे पहले भी असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी तरीके से एएनएम की नियमित नियुक्ति कराने का प्रयास किया गया था।इस तरह के काम में माहिर बैड सोशल एलिमेंट द्वारा स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारी की ओर से फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर देना बायें हाथ का खेल है। बताया जाता है कि 27-05-2021 के डेट में स्वास्थ्य निदेशक डॉ कौशल कुमार के फर्जी आदेश से असामाजिक तत्वों द्वारा एएनएम नर्सिंग की नियमित नियुक्ति कराने का प्रयास किया गया था जिसका समय रहते पता चल जाने पर सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बताते हैं कि प्राथमिकी दर्ज कराये जाने के वाबजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों का दुस्साहस बढ़ता चला जाता है; जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सचिवालय थाना प्रभारी से कड़ी कार्रवाई करने के लिए पत्र द्वारा अनुरोध किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग बिहार की ओर से तीन माह के लिए एएनएम तथा अन्य पदों पर बहाल करने का आदेश दिया गया था। इसी के आलोक में राज्य के विभिन्न जिलों में आवेदन की मांग की गई थी। जहां मोतिहारी सहित अन्य जिलों में अभ्यर्थियों की भीड़ लग गई।इस भीड़ के कारण कोरोना के गाइडलाइंस का अनुपालन भी नहीं हुआ और अधिकांश जिलों में बहाली की प्रक्रिया को ही स्थगित कर दिया गया।
इसीका लाभ उठाकर असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी बहाली का खेल खेला गया। अब स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के कारण फर्जी ढंग से ज्वाइन किये एएनएम तथा अन्य कर्मियों पर शामत आने की बात की जा रही है।