बिहार —-
जे.पी.श्रीवास्तव, बिहार
पटना: बिहार की राजनीति की विडंबना है कि हमेशा अटकलों का बाजार गर्म रहता है। यह कटु सत्य है कि साझा सरकार में कयासबाजी के लिए बहुत से मसाले मिलते रहते हैं। लेकिन कयासबाजी को कोई बल इसलिए नहीं मिल पाता है, क्योंकि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर चाणक्य सरीखे व्यक्ति श्री नीतीश कुमार बैठे हुए हैं।उनके जैसा अनुभवी,कुशल राजनेता और हर समस्या का चुटकी में हल खोजने वाले के लिए इस तरह की कयासबाजी के लिए कोई स्थान नहीं है।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी एकबार फिर दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे हैं। इनके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी दिल्ली प्रवास पर थे। कुछ दिन पहले नेताप्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी दिल्ली प्रवास से लौटे हैं। लब्बोलुआब यह कि नेताओं का दिल्ली प्रवास का सिलसिला जारी है।
गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर बैठक होने की जानकारी मिली है।इस बैठक में पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के शामिल होने की संभावना है। जीतनराम मांझी दिल्ली पहुंच चुके हैं। वैसे जीतनराम मांझी के हवाले से बताया गया है कि वे दिल्ली स्वास्थ्य लाभ के लिए आये हैं। पैर में कुछ तकलीफ़ है और स्वास्थ्य संबंधी कुछ अन्य समस्याएं हैं जिसके लिए उनका दिल्ली आना हुआ है।
दूसरी ओर जीतनराम मांझी की पार्टी हम के प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान के हवाले से बताया गया है कि मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर आहुत बैठक में जीतनराम मांझी भी शामिल होंगे।इतना ही जीतनराम मांझी के पुत्र और बिहार सरकार में अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण मंत्री संतोष मांझी के भी उक्त बैठक में भाग लेने की संभावना है,जिसके लिए संतोष मांझी दिल्ली पहुंच चुके हैं।
हालांकि हम प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान का कहना है कि उक्त बैठक में बिहार के विकास सहित न्यायपालिका और निजी क्षेत्र में दिये जानेवाले आरक्षण के विषय पर भी चर्चा होगी। राजनीति की यह परम्परा रही है कि राजनेता कहते कुछ और हैं और करते कुछ और।इसी कारण कयासबाजी करने का मौका मिलता है। अब देखना है कि होनेवाली बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होती है और क्या निष्कर्ष निकलता है।





