*महराजगंज में गहराया बिजली संकट कल रात से ही नहीं है जनपद में बिजली*

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

महराजगंज। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति महराजगंज की ओर से 72 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी गई है। इससे पहले कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय के सामने बिजली कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से शुक्रवार सुबह से सांकेतिक रुप से हड़ताल शुरू कर दी गई है। बातचीत के दौरान एसडीओ सदर उपेंद्र चौरसिया ने कहा कि पूर्व में हुए समझौते सरकार ने लागू नहीं किया है। इससे बिजली कर्मचारीयो में आक्रोश है। इसके कारण 72 घंटे की सांकेतिक हड़ताल शुरू की गई है। इस दौरान कोई कर्मचारी काम नहीं करेगा। इसके बाद भी सरकार ने बात नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस मौके पर इंजीनियर संतोष सिंह, इंजीनियर आशुतोष त्रिपाठी, अरविंद सिंह, मनीष कुमार पांडे, सुनील कुमार, राणा प्रताप, जुबैर, सनी चौरसिया, सुरेश सिंह, देवेंद्र वर्मा, राजबली चौरसिया,अवधेश कुमार,इकबाल अहमद सहित अन्य विद्युत कर्मचारी रहे उपस्थित।

*प्रशासन ने तैनात किए सुरक्षाकर्मी व अधिकारी*

बातचीत के दौरान सदर एसडीएम मोहम्मद जसीम ने बताया कि 72 घंटे की बिजली कर्मियों की हड़ताल से निपटने की कवायद शुरू हो गई है। आम आदमी को बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से होती रहे इसके लिए विद्युत उपकेंद्रो पर राजस्व कर्मियों और पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस बल ने रातभर इन केंद्रों का निरीक्षण किया और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जिन पर उप केंद्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होगी।
वही विद्युत ऑफिस का किसी तरह का भी काम नहीं हो रहा है। और लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। वही अगर किसी फीडर की लाइन ब्रेक डाउन होती है तो वह भी नहीं बन पा रही है। महराजगंज जनपद के बिजली कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जिससे कार्यालय सहित विद्युत पावर हाउस में सन्नाटा व्याप्त है।

*शहर से लेकर देहात तक मचा हाहाकार*

वहीं बिजली अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का गुरुवार रात से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ा है। शहरी क्षेत्र के दो फीडर कुछ देर के लिए प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने पूरे दिन बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करते रहे।

*इनवर्टर भी देने लगे जवाब*।

लगातार बिजली कटौती से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में पानी और रोशनी को लेकर हाय तौबा मची है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *