हाथी दांत तस्करी मामले में पटना सिटी के डाक्टर सहित कई गिरफ्तार

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बिहार–

 

जे.पी.श्रीवास्तव की रिपोर्ट

पटना: एक डॉक्टर जिसे कलयुग में भगवान का दर्जा दिया जाता है। अभी कोविड-19 कोरोना महामारी के समय डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किये बीना कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में कोई कोर-कसर नहीं छोडा। इतना ही नहीं सैकड़ों-हजारों चिकित्सकों ने अपनी जान तक गंवा दी।

उन्हीं डॉक्टरों में से एक बिहार की राजधानी पटना के एक मुहल्ला पटना सिटी के चिरायु हाॅस्पिटल में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा छापामारी कर 35 किलो हाथी के दांत बरामद किया गया। डॉक्टर का नाम ज्योति कुमार बताया जाता है।जिनके विषय में बताया जाता है कि वे हाजीपुर भाजपा के कार्यकारी जिलाध्यक्ष हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने डॉक्टर सहित तीन लोगों को हाथी दांत के साथ हिरासत में ले लिया है। अन्य आरोपियों में एक बिचौलिया और डॉक्टर का ड्राइवर भी है। तीनों आरोपियों के विरुद्ध वन विभाग के अधिकारी द्वारा वन संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करा दिया गया है।

बताया जाता है कि हाजीपुर के बीजेपी अध्यक्ष रमेश कुशवाहा के निधन के बाद डॉक्टर ज्योति कुमार को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। वन विभाग को अंदेशा है कि इस गोरखधंधे में और कई बड़े लोग शामिल हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों में रविरंजन और बंटी का नाम शामिल है। फिलहाल सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए पाटलिपुत्र थाना में रखा गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग को कहीं से यह सूचना मिली थी कि बाईपास स्थित चिरायु हाॅस्पिटल से हाथी दांत की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग के डीएफओ रुची सिंह के नेतृत्व में हाॅस्पिटल में छापामारी कर डाॅक्टर सहित तीन लोगों को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। पूछताछ में डॅाक्टर ने बताया कि उनके पास दो हाथी पहले से थे जिसकी मृत्यु 4 साल पहले हो गई थी। पकड़ा गया दांत उसी हाथी का उन्होंने बताया है। लेकिन हाथी पालने का लाइसेंस उनके पास नहीं था।

डीएफओ ने संभावना व्यक्त की है कि इसमें और भी सफेदपोश लोग शामिल हो सकते हैं जिसका खुलासा पूछताछ में हो सकता है।