ब्रिटेन में कोरोना लॉकडाउन हटाने के पक्ष में नहीं हैं वैज्ञानिक, सरकार से की यह गुजरिश

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ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने सरकार से गुजारिश की है कि 21 जून को लॉकडाउन हटाने की योजना को थोड़ा आगे बढ़ा दिया जाए, क्योंकि कोरोना वायरस की महामारी की तीसरी लहर का खतरा है। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में भारतीय मूल के वैज्ञानिक रवि गुप्ता ने कहा कि देश में अभी संक्रमण दर कम है लेकिन भारत में पहली बार सामने आए बी1.617.2 स्वरूप के मामलों में हाल के दिनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इस स्वरूप को ‘डेल्टा का नाम दिया गया है।

उन्होंने सलाह दी कि 21 जून को लॉकडाउन हटाने की योजना को कुछ और हफ्तों के लिए टाल दिया जाए ताकि टीकाकरण अभियान कोविड-19 के काफी तेजी से फैलने वाले स्वरूप को नियंत्रण कर सके। गुप्ता ने बीबीसी से कहा, हम टीकाकरण के उस स्तर तक पहुंचने से बहुत दूर नहीं हैं जो हमें वायरस को रोकने में मदद करेगा।

प्रोफेसर गुप्ता ने चेताया कि देश तीसरी लहर के शुरुआती चरण में हो सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले कम हैं लेकिन सभी लहरों की शुरुआत कम मामलों से होती है लेकिन बाद में स्थिति विस्फोटक हो जाती है। ब्रिटेन में सोमवार को कोरोना वायरस के 3383 नए मामले आए। 

टीकाकरण पर संयुक्त समिति के विशेषज्ञ वैज्ञानिक एडम फिन ने भी चेताया कि ब्रिटेन अब भी खतरे वाली स्थिति में है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों को टीका नहीं लगाया जा सका है। उन्होंने भी कहा कि लॉकडाउन को हटाने को थोड़ा सा आगे बढ़ाना बेहतर होगा। ब्रिटेन सरकार के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार और आपात स्थिति के लिए वैज्ञानिक सलाहकार समूह के सदस्य प्रोफेसर सर मार्क वालपोर्ट ने कहा कि यह असंभव नहीं है कि ब्रिटेन डेल्टा स्वरूप की वजह से तीसरी लहर के मुहाने पर हो।

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