बिहार —
जे.पी.श्रीवास्तव, बिहार
पटना:घूस की कमाई वेतन की कमाई से बहुत प्यारा होता है। यह बात भी सही है कि सिर्फ वेतन की कमाई से एक इमानदार जिंदगी बड़ी सादगी के साथ जिया जा सकता है। परन्तु ऐसो आराम की जिंदगी, आलीशान बंगला, लक्जरी कार, बच्चों की मंहगे प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई, देश-विदेश का सैर-सपाटा, मुंहमांगा तिलक-दहेज देकर बच्चों का शादी-व्याह नहीं किया जा सकता है।
शानो-शौकत की जिंदगी जिने के लिए बाहरी आमदनी का होना अति आवश्यक है। समाज में वैसे लोगों की पूछ बढ़ जाती है जिन्हें घूस की कमाई से अपना शानो-शौकत दिखाने का मौका मिलता है।
आज हम बात करने जा रहे हैं बिहार के परिवहन विभाग के एक पूर्व सब इंस्पेक्टर की जिनकी आय से अधिक 4.5 करोड़ की संपत्ति अब सरकार की संपत्ति हो जायेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के परिवहन विभाग के एक पूर्व सब इंस्पेक्टर अर्जून प्रसाद की संपत्ति को जब्त करने का फैसला निगरानी कोर्ट ने सुनाया है।
तकरीबन आठ साल तक घूसखोरी का मुकदमा निगरानी कोर्ट में चलने के बाद अर्जुन प्रसाद, पूर्व सब-इंस्पेक्टर, परिवहन विभाग, बिहार सरकार की 4 करोड़ 52 लाख 87 हजार 178रुपये की संपत्ति जब्त करने का आदेश निगरानी कोर्ट ने दिया है। घूसखोर अधिकारियों के लिए यह एक बहुत बड़ा सबक है। कहते हैं कि पाप का घड़ा एक-न-एक दिन फूटता जरुर है।भले ही इसमें देर लगे।
सब-इंस्पेक्टर अर्जून प्रसाद ने वर्ष 1976 से लेकर वर्ष 2013 तक अपने पद का जमकर दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति इकठ्ठा कर लिया। इस अवैध कमाई के विरुद्ध निगरानी द्वारा अर्जुन प्रसाद के विरुद्ध निगरानी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया गया। निगरानी विभाग के वकील राजेश कुमार ने बिहार विशेष कानून के तहत अवैध संपत्ति को सरकार के पक्ष में जप्त करने के लिए दलीलें दी थीं। पक्ष और प्रतिपक्ष की दलीलें सुनने के बाद निगरानी कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था।
बताते चलें कि मुकदमा दायर होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आरोपित अर्जुन प्रसाद के पटना दीघा के रामजीचक मुहल्ला स्थित आलीशान मकान में छापामारी की थी। छापामारी के दौरान उनके घर से चल-अचल संपत्ति के कागजात, कई फिक्स डिपॉजिट, एलआईसी, जमीन और मकान के कागजात,15 ट्रक समेत और कई कागजात मिले थे। जांच में निगरानी ने पाया था कि अर्जुन प्रसाद ने भ्रष्ट तरीके से अपनी पत्नी,दो पुत्र,दो पुत्रवधु और एक पोता के नाम पर चल-अचल संपत्ति अर्जित की है जो अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति है।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि प्रतिवादी अर्जुन प्रसाद,उनकी पत्नी राजकुमारी देवी, पुत्र संजय कुमार और संतोष कुमार पुत्रवधु सुधा देवी और प्रीति देवी और पोता शुभम कुमार के पास पाई गई अवैध संपत्ति 30 दिनों के अन्दर पटना के डीएम को सौंप दे। इसी के साथ पटना डीएम को भी कोर्ट ने अवैध संपत्ति जप्त करने का आदेश दिया है।




