जाली नोट के धंधेबाज हुए बेनकाब पुलिस ने किया पर्दाफाश

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बिहार ——-

जे.पी.श्रीवास्तव, बिहार

बिहार: धनलोलुपता ऐसी तृष्णा है जो अच्छे बुरे में फर्क को मिटा देता है। अधिक से अधिक धन कमाने के चक्कर में इंसान दिन रात गर्त में गिरता चला जाता है।उसे न तो अपने इमान का,न समाज का और न देश का ख्याल रहता है।

सीवान में जाली नोट छापने और उसे बाजार में चलानेवाले गिरोह का पता चलते ही सीवान एसपी अभिनव कुमार द्वारा बड़ी कार्रवाई किये जाने का पता चला है।

एसपी अभिनव कुमार को कहीं से गुप्त सूचना मिली थी कि सीवान के गोरेयाकोठी गांव में जाली नोट छापने और उसे बाजार में चलाने का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसपी द्वारा छापामारी की योजना गुप्त रुप से बनाकर उसे अमली जामा पहनाया गया।

सीवान जिले की स्पेशल पुलिस टीम, गोरेयाकोठी पुलिस और उत्तरप्रदेश एटीएस की टीम ने संयुक्त रूप से गोरेयाकोठी गांव के स्व०राजदेव प्रसाद के पुत्र बंटी कुमार के घर पर छापामारी कर बंटी कुमार,टरवा पिपरा निवासी गोपाल महतो के पुत्र रंजीत कुमार, गोरेयाकोठी चमार टोली निवासी देव कुमार साह के पुत्र सुरेश कुमार और गोपालगंज जिले के मांझागढ थाना क्षेत्र के मधु सरैया गांव निवासी दशरथ यादव के पुत्र संदीप कुमार को एकसाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार बंटी के घर से पुलिस को एक लोडेड देशी कट्टा,एचपी कम्पनी के दो प्रिंटर मशीन जिससे नोट छापा जाता है और भारी मात्रा में जाली नोट(100,200,500और 2000) बरामद हुआ। सुरेश और रंजीत के घर पर भी छापामारी की गई। गिरफ्तार बंटी कुमार ने खुलासा किया कि पहले वह सारण जिला के बनियापुर के रहनेवाले एक व्यक्ति और गोरेयाकोठी के कई गांवों के व्यक्तियों के साथ जाली नोट छापने और बाजार में चलाने का काम किया करता था। बाद में उसने नोट छापने की मशीन और कागज़ आदि की व्यवस्था कर अपने घर पर ही जाली नोट छापने का काम शुरू कर दिया जिसमें धीरे-धीरे और लोग जुड़ते चले गए।

एसपी अभिनव कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस कांड को सार्वजनिक किया है। उम्मीद है कि पुलिस जांच में और लोगों का नाम भी इस कांड में जुड़ सकता है।