बिहार——-
जे.पी.श्रीवास्तव, बिहार
पटना: लोकजनशक्ति पार्टी के सांसद चिराग पासवान आज से अपने पिता रामविलास पासवान की जयंती पर बिहार के हाजीपुर से आशीर्वाद यात्रा शुरू कर रहे हैं। बताते चलें कि रामविलास पासवान लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक थे और चिराग पासवान को राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत करने से पहले इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।
अपने पुत्र को अपना उत्तराधिकारी बनाने तथा राजनीति में लाने के लिए उन्होंने चिराग को राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया था। रामविलास पासवान की मृत्यु उपरांत पार्टी के अन्दरखाने में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। इसका आगाज़ बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में ही होने लगा था। चुनाव में राजनीति का कम अनुभव रखने वाले चिराग पासवान ने एकदम से एनडीए गठबंधन से अलग अपना निर्णय लिया कि चुनाव में उनकी पार्टी जदयू के खिलाफ हर विधानसभा क्षेत्र में अपना उम्मीदवार उतारेगी। हुआ भी ऐसा ही।एकतरफ लोजपा जदयू के खिलाफ अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दी तो दूसरी ओर उसने बीजेपी के खिलाफ अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा।
इतना ही नहीं चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर अपना भड़ास निकाला। आपको याद होगा कि जदयू को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। जदयू को मात्र 43 सीटों से संतोष करना पड़ा। यह और बात है कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को ही बिहार का मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन जदयू को इसका टीस अन्दर तक पहुंचा गया।
कहना नहीं होगा इसका खामियाजा अन्ततः चिराग पासवान को भुगतना पड़ा। एक तो राजनीति का कम अनुभव दूसरे पार्टी सांसदों पर कमजोर पकड़, पार्टी में टूट का कारण बन गया। भला इस मौके को पशुपति कुमार पारस भूनाने से कैसे चूकते। उन्होंने पार्टी सांसदों को अपने पाले में मजबूती से खड़ा कर लिया और खुद लोजपा संसदीय दल का नेता बन गये। इतना ही नहीं पटना में कार्यसमिति की बैठक बुलाकर स्वंय राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गये।
अब इस पर चिराग पासवान का तिलमिलाना स्वाभाविक ही था। उन्होंने अपने कुछ विश्वस्त साथियों को लेकर पार्टी पर अपनी पकड़ मजबूत करने तथा पिता के पदचिन्हों पर चलने के लिए आशीर्वाद यात्रा प्रारंभ करने का कार्य शुरू किया है। चिराग पासवान का यह भी कहना है कि जिस हाजीपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व उनके पिता कर चुके हैं,आज उन्हीं के नाम पर उस सीट से पशुपति कुमार पारस चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं। ऐसी स्थिति में हाजीपुर की जनता को सच्चाई से अवगत कराना आवश्यक है।
चिराग द्वारा कहा जा रहा है कि उनकी यह आशीर्वाद यात्रा बिहार के प्रत्येक जिले से गुजरेगी और इसके बाद पार्टी की राष्ट्रीय परिषद आयोजित कर पटना में एक जनसभा की जायेगी। बताया जा रहा है कि आज ही पशुपति कुमार पारस भी रामविलास पासवान की जयंती पटना में अलग से मनायेंगे। साफ है कि एलजेपी के दोनों गुट अलग-अलग तरीके से अपने स्वर्गीय नेता की जयंती मनाकर पार्टी पर अपना-अपना दावा पेश करेंगे।
वैसे सूत्रों द्वारा जानकारी मिल रही है केन्द्रीय मंत्रिमंडल के आगामी विस्तार में एलजेपी कोटे से पशुपति कुमार पारस को मंत्रीमंडल में स्थान मिल सकता है।




