अयोध्या।(अमिताभ श्रीवास्तव)
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के एग्रीबिजनेस मैनेजेंट में छात्र छात्राओं के उन्मुखी विकास एवं करियर को लेकर बैठक आयोजित की गई।यह बैठक कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशन में कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. डी. के. सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।इस मौके पर छात्र छात्राओं के रोजगार सृजन, करियर की संभावनाओं,कौशल विकास,प्रबंधन आदि पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रो. सिंह ने कहा कि प्रबंधन विभाग के एमबीए (एग्रीबिजनेस) के छात्रों ने अपने करियर की शानदार शुरुआत की है।विभाग के छात्रों को विभिन्न प्रतिष्ठित खाद्य एवं एग्रीबिजनेस कंपनियों में मैनेजमेंट ट्रेनी, बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर, टेरिटरी सेल्स इंचार्ज,प्रोक्योरमेंट मैनेजर आदि जैसे पदों पर नियुक्ति मिली है।छात्रों को अमूल (GCMMF),दयाल ग्रुप,सिंगेंटा, एस्कॉर्ट्स,देहात,बिगबास्केट, ज़ोमैटो,वीएनआर सीड्स आदि कंपनियों के लिए नियुक्ति पत्र दिया गया है।छात्रों को औसतन 4.7 लाख वार्षिक पैकेज प्राप्त हुआ है।अब तक 70% से अधिक छात्रों को नियुक्ति प्राप्त हो चुका है,जिससे छात्र अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं।एग्री बिजनेस में विद्यार्थियों के लिए अपार संभनाओं के द्वार खुले हुए हैं।विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह ने इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल (डॉ.) बिजेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन व सहयोग,विभाग के शिक्षकों एवं प्लेसमेंट सेल के सतत प्रयासों को दिया।एग्रीबिजनेस प्रबंधन विभाग का मुख्य उद्देश्य व्यवसाय और प्रबंधन विज्ञान में सिद्धांतों और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के समन्वय से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना है।विभाग का मुख्य लक्ष्य छात्रों में प्रबंधकीय, विश्लेषणात्मक और उद्यमशील क्षमताओं का विकास करना है, जिससे वे एग्रीबिजनेस क्षेत्र में सफल करियर बना सकें।बताया कि सभी छात्रों को स्टाइपेंड (मानदेय) भी प्रदान किया गया, जिसमें औसतन 14,000 प्रतिमाह का भुगतान किया गया। इंटर्नशिप के लिए छात्रों को जिन प्रमुख संस्थानों में अवसर मिले, उनमें शामिल हैं वीएनआर सीड्स,क्रिस्टल क्रॉप,सिंगेंटा, यूपीएल,आईटीसी,पराग,स्टार एग्री सीड्स,प्रसाद सीड्स, डीसीएम श्रीराम,केम्स्टर इंडिया आदि।डॉ महेंद्र ने बताया कि कुल 68 छात्रों को उत्तर प्रदेश, हरियाणा,राजस्थान,तेलंगाना, तमिलनाडु,आंध्र प्रदेश,ओडिशा, कर्नाटक जैसे राज्यों में नियुक्ति मिली। विश्वविद्यालय में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बालक एवं बालिका छात्रावास, चिकित्सा केंद्र,बैंक, ऑडिटोरियम,खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, प्रयोगशालाएँ तथा पुस्तकालय जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।




