भू-अर्जन कार्यालय के नाजीर और अमीन घूस लेते गिरफ्तार, निगरानी ने की कार्रवाई

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बिहार——-

पटना: बिहार में घूसखोरी की शिकायत पर सख्त कार्रवाई के वाबजूद घूसखोरी बढ़ती ही जा रही है। निगरानी में आये दिन इस तरह की शिकायतें पहुंचती रहती है, कार्रवाई भी होती है, फिर भी घूसखोरों के हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी जो निगरानी से बिल्कुल नहीं डरते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार जिला भू-अर्जन कार्यालय, बेगुसराय में 25-25 हजार रुपए रिश्वत लेते नाजीर और संविदा अमीन को निगरानी की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। बेगुसराय के अधिवक्ता कौशल किशोर सिंह की शिकायत पर निगरानी द्वारा कार्रवाई की गई है।
बताया जाता है कि अधिवक्ता कौशल किशोर सिंह की कुछ जमीन एनएच में अधिग्रहित हुआ था जिसका मुआवजा 38 लाख रुपए कौशल किशोर सिंह को भुगतान किया जाना था।
जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा उन्हें 5 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। लेकिन शेष 33 लाख रुपए के भुगतान के लिए नाजीर और संविदा अमीन द्वारा 50 रुपये रिश्वत की मांग की गई। अधिवक्ता कौशल किशोर सिंह ने इसकी शिकायत 12 जुलाई को निगरानी विभाग में की थी। निगरानी द्वारा अपने स्तर से शिकायत की जांच में इसे सत्य पाते हुए दोनों घूसखोर कर्मियों को रंगेहाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया गया।
निगरानी के डीएसपी सर्वेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन कर छापेमारी की कार्रवाई के लिए पटना से टीम शुक्रवार को बेगुसराय पहुंची। अधिवक्ता कौशल किशोर सिंह को साथ लेकर निगरानी की टीम जिला भू-अर्जन कार्यालय के आसपास पहुंच कर कौशल किशोर सिंह को रुपया देने के लिए घूसखोर कर्मियों के पास भेजा और अलग से इस पर नजर रखने लगा। जैसे ही घूसखोर कर्मियों को कौशल किशोर सिंह ने रुपया दिया वैसे ही निगरानी की टीम ने घूस के रुपये के साथ दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तार नाजीर का नाम मनोज रंजन चौधरी व संविदा अमीन का नाम रामचंद्र प्रसाद बताया जा रहा है।
पटना निगरानी टीम दोनों गिरफ्तार कर्मियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई निगरानी की टीम सुनिश्चित करेगी। इतना तो तय है कि घूस के रुपये से जो ऐसो आराम दोनों कर्मियों का चल रहा था उसमें तो कमी आयेगी ही,कुछ दिनों तक जेल की हवा खानी पड़ेगी सो अलग। सामाजिक प्रतिष्ठा का जो हनन हुआ उसकी भरपाई संस्कारवान व्यक्ति के लिए नामुमकिन है।

जे.पी.श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ, बिहार।