ब्रेकफास्ट पर खिलाड़ियों से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जानिए मुलाकात की 5 खास बातें 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से भारतीय खिलाड़ियों के टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की। इसके अगले ही दिन पीएम मोदी ने अपने आवास पर ब्रेकफास्ट के दौरान खिलाड़ियों साथ मुलाकात की। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में अब तक का अपना बेस्ट प्रदर्शन किया है। भारतीय एथलीटों ने हाल में जापान की राजधानी टोक्यो में हुए ओलंपिक में रिकॉर्ड सात मेडल जीते हैं। 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित पीएम आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान मोदी ने गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा, महिला पहलवान विनेश फोगाट और अन्य खिलाड़ियों से बातचीत की। मोदी ने खिलाड़ियों के साथ हुई मुलाकात का वीडियो भी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। 

हमें खिलाड़ी और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना चाहिए 

पीएम और खिलाड़ियों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। लेकिन इस बातचीत में पांच ऐसी खास बातें काफी महत्वपूर्ण रहीं, जोकि मोदी ने खिलाड़ियों से की। पीएम ने खिलाड़ियों से कहा, ‘ खेल और खिलाड़ियों के प्रति प्रेम जगजाहिर है। हमें खिलाड़ियों और उनकी उपलब्धियों का अधिक सम्मान करना चाहिए। हमें यह समझना होगा कि खेल ही एक राष्ट्र को ऊपर उठा सकता है। 2016 में ही उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की दिशा में काफी काम किया। अब नतीजा सबके सामने है। एलीट एथलीटों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को समझना और उन्हें यह बताना है कि वे कमाल हैं, चाहे वे मेडल जीते या नहीं। हमें उनकी कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और समर्पण की हर कीमत पर सराहना करनी चाहिए।’  

महिला रेसलर विनेश फोगाट का हौसला बढ़ाया 

मोदी ने साथ ही स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट को भी काफी सपोर्ट किया और उनका हौसला बढ़ाया। टोक्यो ओलंपिक से लौटने के बाद फोगाट को अनुशासनहीनता के लिए अस्थाई रूप से सस्पेंड कर दिया गया था। विनेश ने इसके बाद रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) से माफी मांग ली थी, लेकिन अभी उनका सस्पेंशन वापस नहीं लिया गया है। विनेश को इस पूरे विवाद के बाद पीएम मोदी का सपोर्ट मिला है।  

टोक्यो ओलंपिक के दौरान खिलाड़ियों के जज्बे की सराहना 

उन्होंने साथ ही बजरंग के घुटने, लवलीना बोरगोहेन की मां, मेंस हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश का जीत के बाद गोलपोस्ट के ऊपर बैठना, नीरज का अपने दूसरे थ्रो के बाद जश्न मनाना, कुश्ती में दहिया द्वारा सेमीफाइनल में आखिरी मिनट की चाल और फिर फाइनल में पहुंचने, सेमीफाइनल में हार के बाद महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल द्वारा अपने साथियों को दिलासा देने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि ये ऐसी चीजें हैं जो केवल एक समझदार खेल प्रेमी ही नोटिस करता है।

ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का एक अलग ही महत्व 

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘ ये वे एथलीट हैं, जो 130 करोड़ लोगों में से निकल कर सामने आए हैं। आप सब यहां तक पहुंचकर दूसरों के लिए प्रेरणा के स्रोत बने हैं। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का अपना एक अलग ही महत्व है। देश को आपकी भागीदारी पर गर्व है और वे आपसे बहुत खुश हैं। अगर आप सब जीतते हैं तो देश और ज्यादा खुशियां मनाता है। हमें खिलाड़ी और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना चाहिए।’  

सभी एथलीट अगले दो साल तक 75 स्कूल का दौरा करें

मोदी ने साथ ही सभी एथलीटों से कहा कि वे अगले दो साल तक करीब 75 स्कूलों का दौरा करें और वहां स्कूल के बच्चे से न्यूट्रिशन, डाइट और सामान्य विकास के लिए इसके महत्व के बारे में बात करें। उन्होंने एथलीटों से कहा कि वे करीब 10 मिनट तक स्कूल के बच्चों के साथ कोई भी खेल खेलें। एक ओलंपियन के साथ खेलने से युवाओं की प्रेरणा मिलेगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

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