जस्टिस नवीन सिन्हा के रिटायरमेंट पर चीफ जस्टिस बोले- सुप्रीम कोर्ट एक अहम आवाज खो रहा है

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भारत मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट जस्टिस नवीन सिन्हा के रिटायरमेंट के साथ एक ‘महत्वपूर्ण आवाज’ खो रहा है। चीफ जस्टिस ने रिटायर हुए नवीन सिन्हा को कम बात करने वाला लेकिन बहुत जानकार बताया। उन्होंने कहा कि बार और बेंच द्वारा भाई सिन्हा को उनके सीधे और स्पष्टवादी दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। उन्हें हमेशा एक निष्पक्ष न्यायाधीस के रूप में याद किया जाएगा। व्यक्तिगत रूप से, मैं उनकी सेवानिवृत्ति से काफी दुखी हूं। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चीफ जस्टिस ने कहा कि हम एक महत्वपुर्ण आवाज और एक महत्वपूर्ण सहयोगी को खो रहे हैं। अंतिम कार्य दिवस के दिने मुख्य नाय्याधीश ने जस्टिस सिन्हा के साथ औपचारिक पीठ पर बैठे हुए थे। दरअसल, निवर्तमान न्यायाधीश के लिए सेवानिवृत्ति के दिन चीफ जस्टिस के साथ बैठने की प्रथा है। सीजेआई ने कहा कि न्यायमूर्ति सिन्हा का ज्ञान और बुद्धि उनके सभी निर्णयों में व्यापक है। जिन गुणों की उन्होंने सबसे अधिक प्रशंसा की, वो हैं उनकी विनम्रता और सादगी। 

मीडिया रिपोर्ट पर व्यक्त की पीड़ा

सीजेआई ने कहा कि जस्टिस सिन्हा कभी किसी को कम या अयोग्य महसूस नहीं कराते हैं। इस अवसर पर, सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वार शीर्ष अदालत में नियुक्ति के लिए नौ नामों को मंजूरी देने के बारे में मीडिया में ‘अटकलें’ के बारे में अपनी पीड़ा को भी व्यक्त किया और कहा कि वह इससे बेहद परेशान थे।

न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया पवित्र है: CJI

चीफ जस्टिस ने कहा कि इस अवसर में मैं मीडिया में चल रही कुछ अटकलों और रिपोर्टों के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करने की स्वतमंत्रता लेना चाहता हूं। सीजेआई ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि हमें इस न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति करने की आवश्यकता है। प्रक्रिया जारी है। सीजेआई ने आगे कहा कि बैठकें होंगी और निर्णय लिए जाएंगे। न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया पवित्र है और इसके साथ एक निश्चित गरिमा जुड़ी हुई है। मेरे मीडिया मित्रों को इस प्रक्रिया की पवित्रता को समझना और पहचानना चाहिए।
 

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