अफगानिस्तान पर तालिबान के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए वहां के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए थे। मौजूदा वक्त में वह किस देश में हैं, इसकी सही जानकारी नहीं है। लेकिन अब ताजिकिस्तान स्थित अफगानिस्तान दूतावास ने इंटरपोल से अशरफ गनी को हिरासत में लेने को कहा है। एंबेसी ने इंटरपोल से अशरफ गनी, हमदल्लाह मोहिब और फजल महमूद फाजली को सार्वजनिक संपत्ति चुराने के आरोप में हिरासत में लेने को कहा है ताकि इन फंड्स को अफगानिस्तान को वापस किया जा सके। इस बात की जानकारी टोलो न्यूज़ ने सूत्रों के हवाले से दी है।
The Afghan embassy in Tajikistan has asked Interpol police to detain Ashraf Ghani, Hamdallah Mohib and Fazal Mahmood Fazli on charges of stealing public wealth, so that funds could be returned to #Afghanistan, sources said.
बता दें कि अशरफ गनी 15 अगस्त को अफगानिस्तान से भाग गए थे। इसके कुछ देर बाद ही तालिबान ने राजधानी काबुल सहित राष्ट्रपति निवास को अपने कब्जे में ले लिया था। अफगानिस्तान छोड़ने को लेकर उन्होंने कहा था कि देश में खूनखराबा और तबाही रोकने के लिए वह देश छोड़ रहे हैं। मीडिया में इस तरह की रिपोर्ट्स आई थी अफगानिस्तान से भागते वक्त अशरफ गनी कई गाड़ियों में पैसे भरकर ले गए हैं।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के साथ ही अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने नियमों का हवाला देते हुए खुद को देश का केयरटेकर राष्ट्रपति घोषित कर दिया है। तजाकिस्तान स्थित अफगानिस्तान दूतावास ने अपने ऑफिस से अशरफ गनी की तस्वीरों को हटाकर अमरुल्लाह सालेह की तस्वीरें लगा दी हैं ताजिकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत मोहम्मद ज़हीर अघबर ने कहा है कि संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, पलायन या मृत्यु में, पहला उपाध्यक्ष कार्यवाहक बनता है और अमरुल्ला सालेह मौजूदा वक्त में आधिकारिक कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं।




