बिहार—–
पटना: बिहार में जदयू की गुटबाजी के विषय में चाहे जितनी सफाई दी जाये लेकिन सच्चाई उभरकर सामने आ ही जाती है। पिछले दिनों जब ललन सिंह की ताजपोशी राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर हुई थी और उसके बाद जब वे दिल्ली से पटना आये थे तब एयरपोर्ट से ही उनके भव्य स्वागत की बानगी देखने को मिली थी। लेकिन उनके स्वागत समारोह से आरसीपी सिंह गुट के कार्यकर्ता अपने को अलग कर लिये थे। यहां तक कि ललन सिंह के स्वागत के लिए जो पोस्टर,बैनर बना था उसमें से आरसीपी सिंह का फोटो गायब था।
आरसीपी सिंह केन्द्र में मंत्री बनने के बाद आज पहली बार पटना आये। उनके स्वागत की तैयारी भी कार्यकर्ताओं ने काफी जोर-शोर से की थी। उनका स्वागत भी एयरपोर्ट से ही किया गया। लेकिन जानकारी मिली है कि लोगों के उपस्थिति का जो अनुमान आरसीपी सिंह गुट ने किया था उससे बहुत कम उपस्थिति हुई। वैसे बताया जा रहा है कि आरसीपी सिंह के स्वागत पोस्टर,बैनर से ललन सिंह और उपेन्द्र कुशवाहा का फोटो गायब था। न केवल फोटो गायब था, बल्कि वे दोनों उनके कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। बताया जाता है कि आज सोमवार का दिन होने के कारण मुख्यमंत्री का जनता दरबार लगा था। इसमें आज जिन विभागों की शिकायतें सुनी जानी थी उसके मंत्रीगण जनता दरबार में हाजिर थे।
बताया जाता है कि आरसीपी सिंह के पटना पहुंचने से पहले ही उपेन्द्र कुशवाहा यह कहते हुए जहानाबाद के लिए निकल गये कि उन्हें स्वागत समारोह की कोई जानकारी नहीं है। उपेन्द्र कुशवाहा का कहना था कि मुझे न्योता ही नहीं मिला है। उन्हें तो मिडिया से पता चला कि आरसीपी सिंह पटना आ रहे हैं। इसके साथ हीं उन्होंने बड़े तल्ख लहजे में कहा कि आरसीपी सिंह के स्वागत के लिए बनाये गये पोस्टर,बैनर से ललन सिंह की तस्वीर गायब होना बर्दाश्त से बाहर है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह हैं, उनकी क्या भूमिका है यह सबको पता होना चाहिए। हालांकि इसके साथ उन्होंने यह भी जोड़ा कि जदयू में कोई गुटबाजी नहीं है।
आरसीपी सिंह ने पटना पहुंचने के बाद कहा कि उनके और ललन सिंह के बीच कोई मनमुटाव नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता नीतीश कुमार हैं और हम सब उनके निर्देशों के अनुरूप काम करते हैं। आरसीपी सिंह ने कहा कि जदयू का मतलब ही जनता दल यूनाइटेड है तो विवाद की बात कहां से आ गई। हालांकि पूरे विवाद की जड़ आरसीपी सिंह के स्वागत के लिए बने पोस्टरों में ललन सिंह की फोटो न होने से हुई। बताया जाता है कि जब इसको लेकर विवाद बढंने लगा तब नये पोस्टर लगाये गये। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पार्टी में कोई विवाद नहीं है। जब ललन सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर पटना आये तब उनका स्वागत हुआ और जब आरसीपी सिंह केन्द्रीय बनकर पटना आये तब उनका भी स्वागत हुआ। इसमें गुटबाजी और मनमुटाव की बातें कहां से आ गई। ये सब मनगढ़ंत बातें है।




