तालिबान ने 24 घंटे में अफगानिस्तान की दूसरी प्रांतीय राजधानी पर कब्जा किया, 15 राजधानियां खतरे में

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तालिबान ने 7 अगस्त को जावजान के शेबर्गन शहर पर कब्जा कर लिया है। जावजान के डिप्टी गवर्नर कादर मालिया ने न्यूज़ एजेंसी एएफपी को बताया है, ’24 घंटे से भी कम समय में विद्रोहियों ने दूसरी अफगान प्रांतीय राजधानी पर कब्ज़ा कर लिया है। सुरक्षा बल और सरकारी अधिकारी हवाईअड्डे की ओर लौट गए हैं।’

बता दें कि यह शहर अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अब्दुल रशीद दोस्तम का घर है, जो इसी हफ्ते तुर्की से इलाज करवाकर अफगानिस्तान लौटे हैं। इससे पहले 6 अगस्त को निमरोज के जरंज शहर को तालिबान ने ‘बिना किसी लड़ाई के’ कब्ज़ा लिया था। स्थानीय डिप्टी गवर्नर ने बताया था कि जरंज विद्रोहियों द्वारा कब्जा की जाने वाली पहली प्रांतीय राजधानी बनी।

तालिबान ने अफगान सुरक्षा बलों के साथ ही आम लोगों पर हमले तेज कर दिए हैं। तालिबान ने एक बच्ची को बुर्का न पहनने के लिए मौत का घाट उतार दिया है। पिछले ही हफ्ते तालिबान ने मशहूर अफगान कॉमेडियन की हत्या कर दी थी। 5 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान के प्रसिद्ध कवि और इतिहासकार अब्दुल्ला आतिफी की भी हत्या कर दी थी। 7 अगस्त को अफगानिस्तान सरकार के मीडिया और सूचना निदेशक दावा खान मेनपाल की काबुल में हत्या कर दी गई थी।

 रिपोर्टर्स के मुताबिक़ 6 अगस्त तक अफगानिस्तान के 218 जिले तालिबान के कब्जे में हैं, जबकि अफगानिस्तान सरकार का 120 जिलों पर नियंत्रण है। 99 जिलों में तालिबान और अफगानिस्तान सेना के बीच लड़ाई जारी है। तालिबान ने पूर्वोत्तर प्रांत तखर सहित कई जिलों पर कब्जा कर लिया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि 34 प्रांतीय राजधानियों में से 15 को तालिबान से सीधे तौर पर खतरा है।

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