भारतीय एथलेक्स महासंघ (एएफआई) ने लंबी कूद के खिलाड़ी एम श्रीशंकर और 20 किमी पैदल-चाल के एथलीट केटी इरफान की फॉर्म में गिरावट के बावजूद उन्हें टोक्यो ओलंपिक दल से बाहर नहीं करने के फैसला किया। हालांकि एएफआई इन खेलों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी। एएफआई की सिलेक्शन कमेटी ने एक इमरजेंसी बैठक में इन दो एथलीटों को 26 सदस्यीय टीम से बाहर नहीं करने का ‘सर्वसम्मति से निर्णय लिया। बेंगलुरु में हाल ही में आयोजित ट्रायल में खराब प्रदर्शन के बाद कुछ सदस्यों का मत था कि इन दोनों खिलाड़ियों टीम से बाहर किया जाए, लेकिन समिति ने कहा कि महासंघ ने ट्रायल का आयोजन फिटनेस का आकलन करने के लिए किया था ना कि फॉर्म (लय) के लिए।
PRESS RELEASE: AFI Selection Committee today decided, after great consideration, against withdrawing the entries of long jumper Sreeshankar and race walking athlete KT Irfan and let them proceed to Tokyo for the Olympic Games.
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— Athletics Federation of India (@afiindia) July 23, 2021
एएफआई के अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने कहा कि दोनों एथलीटों के कोचों से ट्रायल में उनकी खराब फॉर्म के बारे में बात की गई थी। उन्होंने कहा, ‘ कोचों ने वादा किया है कि उनके संबंधित एथलीट टोक्यो में अपना बेस्ट प्रदर्शन करेंगे। श्रीशंकर के पिता और कोच ने उनके अच्छे प्रदर्शन का आश्वासन दिया है। अगर एथलीट ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। यह संदेश उन सभी (एथलीटों) के लिए है जो टोक्यो खेलों में भाग ले रहे है।’
बुधवार को बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्र में आयोजित एक फिटनेस ट्रायल के दौरान, श्रीशंकर की बेस्ट छलांग महज 7.48 मीटर थी। उन्होंने मार्च में फेडरेशन कप के दौरान 8.26 मीटर की छलांग लगाकर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। श्रीशंकर ने राष्ट्रीय अंतर-राज्य चैंपियनशिप (25-29 जून) एनआईएस (राष्ट्रीय खेल संस्थान) पटियाला में मैदान पर वार्मअप (तैयारी) करने के बाद प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया था। कोच के तौर पर श्रीशंकर साथ टोक्यो जा रहे उनके पिता एस मुरली ने कहा कि वह ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। श्रीशंकर की लय में गिरावट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘ वह (श्रीशंकर) अच्छा करेंगा। कोई बड़ी समस्या नहीं है।’
इरफान का फिटनेस ट्रायल नौ जुलाई को हुआ था। वह मार्च 2019 में जापान के नोमी में एशियाई पैदल चाल चैंपियनशिप के दौरान ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारत के पहले ट्रैक और फील्ड एथलीट थे। उनकी आखिरी प्रतियोगिता मार्च में रांची में राष्ट्रीय पैदल चाल थी जहां उन्होंने रेस पूरी नहीं की थी। वह मई में कोविड-19 के चपेट में आ गये थे लेकिन बीमारी से उबर गये हैं। एथलेटिक्स से भारत के 18 खिलाड़ियों सहित 28 सदस्यीय दल का पहला जत्था आज शाम यहां से तोक्यो के लिए रवाना हुआ।
शुक्रवार को यहां से टोक्यो रवाना होने वाले 18 एथलीटों में दुती चंद (100 मीटर और 200 मीटर), तजिंदर पाल सिंह तूर (गोला फेंक), कमलप्रीत कौर (चक्का फेंक), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), श्रीशंकर और पुरुषों की चार गुणा 400 मीटर रिले और मिश्रित चार गुणा 400 रिले टीम के सदस्य शामिल थे। महिला चक्का फेंक की एक अन्य खिलाड़ी सीमा पूनिया और उनके कोच रविवार को टोक्यो के लिए रवाना होंगे।
एथलेटिक्स में भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से है। वह अपने कोच और फिजियो के साथ 26 जुलाई को स्वीडन स्थित अभ्यास स्थल से टोक्यो पहुंचेंगे। भाला कोच उवे हॉन सहित तीन सहायक स्टाफ सदस्य 29 जुलाई को टोक्यो के लिए रवाना होंगे, जबकि छह एथलीटों सहित 11 सदस्यीय पैदल चाल दल 30 जुलाई को साप्पोरो के लिए उड़ान भरेगा, जहां मैराथन और पैदल चाल स्पर्धाओं का आयोजन होगा। ओलंपिक में एथलेटिक्स स्पर्धाओं का आयोजन 30 जुलाई से शुरू होकर आठ अगस्त तक चलेगा।




