बिहार —-
जे.पी.श्री, बिहार
प्रोटीन: डेटाबेस के परिवर्तन के समय परिवर्तन की स्थिति में लिखना आवश्यक होगा जब पहली बार लिखा गया था। थाना पर कभी भी सबसे पहले एफआईआर दर्ज करना पुलिस का काम है।
के दिनों ; सुधीर कुमार, जैसा कि सुधीर कुमार ने सोचा था कि बिहार के मन में मानसिक रूप से बेहतर होगा। सूचना दर्ज की गई थी।
इसी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने FIR दर्ज नहीं किये जाने को लेकर सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि FIR दर्ज किया जाता फिर अनुसंधान में जो सच्चाई होती वैसी कार्रवाई की जाती। FIR नहीं दर्ज किये जाने पर उन्होंने चिंता जताई है। जीतनराम मांझी का यह बयान उनका दलित प्रेम तो जगाता ही है, उनका बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि सुधीर कुमार ने सीधे-सीधे नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा करते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाये थे। गर्दनीबाग एससी/एसटी थाने में सुधीर कुमार ने सीएम नीतीश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के शिकायत की थी। आरोपों में हत्या से लेकर कई वित्तीय घोटाले को लेकर गंभीर आरोपों का जिक्र होना बताया जा रहा है।
सुधीर कुमार का यह मामला तब तूल पकड़ लिया जब घंटों इंतजार करने के बाद भी थाने में उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। बल्कि थानाध्यक्ष शिकायत की काॅपी लेकर गायब हो गये।इस मामले को लेकर जदयू ने जहां इसे नौटंकी करार दिया है वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।





