पेगासस पर सरकार को तृणमूल की चेतावनी- जब तक चर्चा नहीं होगी तब तक संसद नहीं चलने देंगे

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तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि वह संसद की कार्यवाही को तब तक बाधित करती रहेगी जब तक सरकार पेगासस जासूसी और निगरानी मामले में लगे आरोपों से बेदाग बाहर नहीं आती और इस पर दोनों सदनों में चर्चा के लिये तैयार नहीं होती। पार्टी ने कहा कि वह हालांकि कोरोना वायरस की स्थिति या उससे संबंधित किसी पहलू पर होने वाली किसी चर्चा को नहीं रोकेगी। 

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, यह (पेगासस स्पाईवेयर) एक गंभीर मुद्दा है और तृणमूल इस पर समझौता नहीं करेगी। हम दोनों सदनों में से किसी भी सदन को तब तक चलने नहीं देंगे जब तक सरकार जासूसी और निगरानी के आरोपों से बेदाग नहीं निकलती। देश जब महामारी से जूझ रहा था तो सरकार ने फोन हैक करने के लिये एक बार में करोड़ों खर्च किए।

एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने रविवार को कहा था कि भारत में कई कारोबारियों व कार्यकर्ताओं के साथ दो मंत्रियों, 40 से ज्यादा पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक मौजूदा न्यायाधीश समेत 300 से ज्यादा सत्यापित मोबाइल फोन नंबरों की स्पाईवेयर के जरिये हैकिंग की कोशिश की गई। विपक्षी सदस्यों ने इजराइली स्पाईवेयर के जरिये पत्रकारों, राजनेताओं, मंत्रियों, न्यायाधीशों और अन्य की जासूसी किए जाने के आरोपों की व्यापक जांच की मांग को लेकर दोनों सदनों में हंगामा किया। 

कई नेताओं और पत्रकारों की जासूसी का दावा

जिन लोगों की कथित तौर पर जासूसी की जा रही थी उस सूची में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का भी नाम है। पार्टी की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “हम ‘ऑन रिकॉर्ड (अधिकृत तौर पर) यह कह रहे हैं कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने सदन में झूठ बोला है। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जवाब दें कि भारत एनएसओ (पेगासस स्पाईवेयर बनाने वाली इजराइली कंपनी) का ग्राहक है या नहीं। हमारे पार सरकार के लिये सवालों की एक सूची है और जब तक इन सवालों का जवाब नहीं मिल जाता, हम संसद नहीं चलने देंगे।

दावों को सरकार ने किया खारिज

मोइत्रा ने इसके बाद कुछ सवालों का जिक्र करते हुए कहा- क्या भारत सरकार के तहत आने वाले किसी विभाग ने पेगासस खरीदा था? क्या इस स्पाईवेयर का फिलहाल इस्तेमाल किया जा रहा है? किसी एजेंसी ने इस आंकड़े के लिये अनुरोध किया था और इसे कहां रखा जा रहा है?  सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए भारतीयों की जासूसी करने संबंधी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले लगाये गए ये आरोप भारतीय लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने का प्रयास हैं। 

अवैध तरीके से निगरानी संभव नहीं है

लोकसभा में स्वत: संज्ञान के आधार पर दिए गए अपने बयान में वैष्णव ने कहा था कि जब देश में नियंत्रण एवं निगरानी की व्यवस्था पहले से है तब अनधिकृत व्यक्ति द्वारा अवैध तरीके से निगरानी संभव नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की कोविड पर आज सर्वदलीय ब्रीफिंग में शामिल होने के सवाल पर ओ ब्रायन ने कहा कि सदन में पार्टी के नेता इस प्रस्तुति में शामिल होंगे क्योंकि वह इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहती। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा की है। 

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