Wimbledon 2021: ह्यूबर्ट हरकाज ने रोजर फेडरर को हराकर किया उलटफेर, नोवाक जोकोविच सेमीफाइनल में

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

ह्यूबर्ट हरकाज ने आठ बार के चैंपियन रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराकर विम्बलडन टेनिस टूर्नामेंट में बुधवार को सबसे बड़ा उलटफेर किया, लेकिन वर्ल्ड के नंबर एक नोवाक जोकोविच आसानी से सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। अगले महीने 40 वर्ष के होने वाले फेडरर अपने 21वें ग्रैंडस्लैम खिताब की कवायद में लगे थे, लेकिन वह किसी भी समय रंग में नहीं दिखे। पोलैंड के 14वीं वरीयता प्राप्त हरकाज ने उन्हें 6-3, 7-6 (4), 6-0 से हराकर पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम प्रतियोगिता के सेमीफानइल में प्रवेश किया।

जोकोविच ने सेंटर कोर्ट में हंगरी के गैर वरीयता प्राप्त मार्टन फुकसोविच को 6-3, 6-4, 6-4 से हराया। यह 10वां अवसर है जबकि वह विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में 41वीं बार अंतिम चार में प्रवेश किया। जोकोविच सेमीफाइनल में दसवीं वरीयता प्राप्त डेनिस शापोवालोव का सामना करेंगे। कनाडा के इस खिलाड़ी ने साढ़े तीन घंटे तक चले मैच में रूस के 25वें वरीय कारेन खाचनोव को 6-4, 3-6, 5-7, 6-1, 6-4 से पराजित किया। शापोवालोव पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं।

सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना की जोड़ी विम्बलडन चैम्पियनशिप 2021 से हुई बाहर

जोकोविच ने सहजता से अंक बटोरे और अब वह 20वां ग्रैंडस्लैम खिताब जीतकर फेडरर और राफेल नडाल के रिकार्ड की बराबरी करने की कवायद में हैं। सर्बिया के इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने इस सत्र में ग्रैंडस्लैम में 19 मैच जीते हैं और वह कैलेंडर ग्रैंडस्लैम पूरा करने की तरफ भी बढ़ रहे हैं। रॉड लीवर (1969) के बाद कोई भी पुरुष खिलाड़ी ऐसा नहीं कर पाया। पहली बार ग्रैंडस्लैम क्वार्टर फाइनल में खेल रहे फुकसोविच के खिलाफ जोकोविच ने 18 मिनट के अंदर 5-0 की बढ़त हासिल कर ली थी।

इसके बाद जोकोविच ने हालांकि तीन गेम गंवाए और पहला सेट उन्होंने छठे सेट प्वाइंट पर अपने नाम किया। इसके बाद दूसरा और तीसरा सेट जीतने में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। बाईस वर्षीय शापोवालोव ने 2016 में विंबलडन में जूनियर खिताब जीता था। उन्होंने खाचनोव से लगभग दोगुना 59 विनर्स लगाए। रूसी खिलाड़ी 31 विनर ही लगा पाया। शापोवालोव ने 17 ऐस भी जमाए, जिससे उनकी 10 डबल फाल्ट की भरपायी भी हो गई। पांचवें और आखिरी सेट में दोनों खिलाड़ी 4-4 से बराबरी पर चल रहे थे। शापोवालोव ने इसके बाद दोनों गेम जीतकर मैच अपने नाम किया।

टोक्यो ओलंपिक: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों का हैट्रिक लगाने का टारगेट, पीवी सिंधू से गोल्ड की उम्मीद

Source link