सिख जत्थे को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर पाकिस्तान जाने की नहीं मिली इजाजत, Covid-19 की वजह से लिया फैसला

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पाकिस्तान ने भारतीय सिख श्रद्धालुओं को 19वीं शताब्दी के सिख शासक महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर पाकिस्तान आने की अनुमति नहीं दी है। पाक सरकार ने Covid-19 संक्रमण के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मीडिया सहायक कुलविंदर सिंह रामदास ने कहा कि पाकिस्तान की सिख गुरुद्वारा प्रबधक कमेटी के अध्यक्ष सतवंत सिंह से उन्होंने फोन पर बातचीत की है। 

‘सतवंत सिंह ने हमे बताया है कि कोरोना महामारी से बने हालात को देखते हुए जो जत्था शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के मौके पर पाकिस्तान पहुंचने वाला था उन्हें यात्रा की इजाजत पाकिस्तान सरकार के द्वारा नहीं दी गई है।’ कुलविंदर सिंह रामदास ने बताया कि 21 जून को यह जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाला था। 29 जून को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि है। 30 जून को जत्था को वापस भारत पहुंचना था। लेकिन अब यह यात्रा नहीं हो सकेगी। 

बता दें कि महाराजा रणजीत सिंह का जन्म 13 नवंबर 1780 को पाकिस्तान में हुआ था। उन्हें सिखों के बड़े महाराजाओं में गिना जाता है। रणजीत सिंह ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने न केवल पंजाब को एक सशक्त सूबे के रूप में एकजुट रखा, बल्कि जीवित रहते हुए अंग्रेजों को अपने साम्राज्य के आसपास भी नहीं भटकने दिया। 

बचपन में चेचक की बीमारी से उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी। चेचक की वजह से एक आंख रोशनी जाने पर वे कहते थे कि ‘भगवान ने मुझे एक आंख दी है, इसलिए उससे दिखने वाले हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, अमीर और गरीब मुझे तो सभी बराबर दिखते हैं।’

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