पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान विवादास्पद भाषण को लेकर फंसे अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने आखिरकार कोर्ट की बात मान ली है। मिथुन चक्रवर्ती कोलकाता पुलिस के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए हैं और पुलिस उनसे वर्चुअली पूछताछ कर रही है। बता दें कि बीते दिनों कलकत्ता हाईकोर्ट ने मिथुन चक्रवर्ती को निर्देश दिया था कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पूछताछ में शामिल हों। मिथुन पर विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान अपने भाषणों के जरिये चुनाव बाद कथित तौर पर हिंसा भड़काने को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है।
Actor & BJP leader Mithun Chakraborty is being questioned virtually by Kolkata Police over his controversial speech during election campaigning for West Bengal polls. An FIR was registered in Maniktala for his speech.
(File photo) pic.twitter.com/SY9eQyXkTz
— ANI (@ANI) June 16, 2021
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया था कि वह चक्रवर्ती को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उपस्थित होने के लिए तर्कसंगत समय दें। मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने याचिकाकार्ता व अभियोजन पक्ष के अनुरोध पर शुक्रवार को मामले की अगली सुनवाई 18 जून तक के लिए स्थगित कर दी।
अपनी याचिका में मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया है कि फिल्मों के ऐसे संवाद केवल हास्य-विनोद के लिए बोले गए थे और वह निर्दोष हैं और ऐसे किसी अपराध में शामिल नहीं हैं जिसके आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए हैं। कोलकाता के मानिकतला पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ब्रिगेड परेड मैदान में हुई भाजपा की रैली में अभिनेता ने फिल्मों के चर्चित संवाद बोले थे। आरोप है कि इन संवादों से राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा भड़की। चक्रवर्ती ने उच्च न्यायालय में अनुरोध किया है कि सियालदह की अदालत में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने लंबित मामला रद्द किया जाए।




