G-7 समिट में चीन पर चल रही थी चर्चा तब ही बंद हो गया इंटरनेट – रिपोर्ट में दावा

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ब्रिटेन के कॉर्नवाल में जी-7 समूह के सदस्य राष्ट्र के नेताओं की बैठक हुई। बैठक के दौरान कई अहम मुद्दों पर सदस्य देश के नेताओं ने चर्चा की है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जब चीन को लेकर सदस्य देश समिट में चर्चा कर रहे थे तब अचानक वहां इंटरनेट बंद हो गया। बताया जा रहा कि जी-7 के नेता इस बात पर विचार-विमर्श कर रहे थे कि कैसे उन्हें दुनिया में चीन की बढ़ती ताकत और शिन्जियांग प्रांत में जबरन मजदूरी कराए जाने के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया देनी है। इसी दौरान एक समय अचानक कमरे में इंटरनेट बंद हो गया।  

समिट में इस मुद्दे पर काफी दिलचस्प चर्चा हुई और चर्चा के दौरान अलग-अलग मत भी सामने आए। जी-7 के नेताओं ने चीन के बेल्ट एंड रोड प्रोग्राम को काउंटर करने के लिए एक आधारभूत संरचना बनाने पर विचार किया। हालांकि, अभी यह तय नहीं किया गया है कि बीजिंग में मानवाधिकार के उल्लंघन को आरोपों को लेकर कब चीन के खिलाफ कोई कड़ा कदम उठाया जाएगा।

‘The Associated Press’ की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति जॉय बाइडेन तेजर्रार मुद्रा में नजर आ रहे थे लेकिन कुछ अन्य नेता इस बात को लेकर भी काफी सतर्क थे कि उनकी छवि एंटी-चीन की ना बने। शनिवार को जी-7 के पहले सत्र के दौरान कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस ने बाइडेन का कई मुद्दों पर व्यापक पैमाने पर समर्थन किया तो वहीं जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन की कुछ मुद्दों पर हिचकिचाहट नजर आई। 

जी-7 के सदस्य देशों ने चीन से संबंधित मुद्दों पर एक टास्क फोर्स बनाने पर भी चर्चा की। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने इस योजना का स्वागत किया। हालांकि, इस दौरान उन्होंने खुद को एंटी-चीन ना जाहिर होने देने कोशिश भी की। चांसलर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘यह किसी चीज के खिलाफ होने के लिए नहीं, बल्कि किसी चीज के लिए खिलाफ होने की बात है।’

बता दें कि जी-7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लेते हुए अपने संबोधन में ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ का मंत्र दिया है। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने विशेष रूप से पीएम के इस मंत्र का उल्लेख किया और इसका मजबूत समर्थन दिया। इस समिट में पीएम मोदी ने वर्चुअली हिस्सा लिया था। 

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