केंद्र सरकार ने केरल के दो मछुआरों के परिवारों को मुआवजे के रूप में इटली सरकार की तरफ से भुगतान किए गए 10 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दिए हैं। केरल के इन दोनों मछुआरों को इटली के नौसैनिकों ने मार दिया था। केंद्र सरकार ने अपनी याचिका में दो भारतीय मछुआरे की हत्या के मामले में दो इटालियन सैनिकों के खिलाफ केस बंद करने की मांग की थी। इसके बाद पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इटली सरकार द्वारा दिए गए मुआवजे की राशि 10 करोड़ रुपए को मृतक मछुआरों के परिजनों के अकाउंट में जमा करने को कहा था।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने भारत में इटली के दो नौसैनिकों के खिलाफ आपराधिक मामलों को बंद करने के एवज में केरल के दो मछुआरों के परिवारों को मुआवजे के रूप में इटली द्वारा भुगतान की गई शीर्ष अदालत के पास 10 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि दोनों मृतक मछुआरों को 4-4 करोड़ रुपए दिए जाएंगे, वहीं नाव के घायल मालिक को नुकसान की भरपाई के लिए दो करोड़ रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि वह मृतक के परिजनों को सुने बिना केस बंद नहीं करेंगे और उन्हें पर्याप्त मुआवजा भी दिया जाना चाहिए।
याचिका पर त्वरित सुनवाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि मृतकों के परिवार को बकाया मुआवजा भी दे दिया गया है। जुलाई 2020 में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि उसने इटली के दो नेवी सैनिकों द्वारा भारतीय मछुआरों की हत्या के मामले में अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल का फैसला (21 मई 2020) को मानने और उसके अनुपालन का फैसला किया है, जिसमें कहा गया कि भारत इस मामले में मुआवजा पाने का हकदार है मगर इन सैनिकों को प्राप्त छूट की वजह से वह इन पर मुकदमा नहीं चला सकता।
केन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट में इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ चल रही कार्यवाही बंद करने के लिये एक आवेदन दायर किया था। गौरतलब है कि 15 फरवरी, 2012 को केरल तट से 20.5 नौटिकल मील दूर समुद्र में एमटी एनरिका लेक्सी जहाज से दो मरीन ने गोलियां चलाई थीं जिसमें दो मछुआरे मारे गए थे। ये दोनों मछुआरे केरल के थे। पुलिस ने इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।




