Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को इस बार पहले से भी ज्यादा भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। भगवान श्रीराम की नगरी में सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। यह आयोजन भगवान राम के 14 साल का वनवास पूरा करके माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। इस बार दीपोत्सव में धार्मिक परंपराओं के साथ आधुनिक तकनीक की भी झलक देखने को मिलेगी। 5 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य आयोजन 7 नवंबर को होगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इस बार दीपोत्सव की थीम ‘रामायण’ रखी है। इसके तहत पूरी अयोध्या को रामायण के अलग-अलग प्रसंगों और आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी कई विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
1.87 लाख से 30 लाख दीयों तक पहुंचा दीपोत्सव का सफर
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत साल 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई थी। पहले आयोजन में राम की पैड़ी पर करीब 1.87 लाख दीये जलाए गए थे। इसके बाद हर साल इस आयोजन का विस्तार होता गया और दीयों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। साल 2020 में 6,06,569 दीये, 2023 में 22,23,676 दीये और 2025 में 26,17,215 दीये जलाकर नए रिकॉर्ड बनाए गए थे। अब 2026 में 30 लाख से अधिक दीये जलाने की तैयारी है। इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार से अधिक स्वयंसेवक जुटे हुए हैं। ये स्वयंसेवक घाटों पर दीयों को सही तरीके से सजाने और कतारों में लगाने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा, जो श्रद्धालु अयोध्या नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए ऑनलाइन करीब एक लाख वर्चुअल दीये जलाने की सुविधा भी रखी गई है।
दीपोत्सव 2026 में होंगे कई खास आयोजन
2,100 स्वदेशी ड्रोन दिखाएंगे रामायण के प्रसंग
इस बार दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 2,100 स्वदेशी ड्रोन का शो होगा। इस कार्यक्रम में ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण से जुड़ी सुंदर आकृतियां बनाई जाएंगी। इनमें भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान जी, रावण वध, पुष्पक विमान और राम दरबार जैसे दृश्य शामिल होंगे। यह ड्रोन शो 7 नवंबर के अलावा 9 नवंबर को भी पर्यटकों के लिए आयोजित किए जाने की योजना है। इससे श्रद्धालुओं को आधुनिक तकनीक के जरिए रामायण के प्रसंग देखने का मौका मिलेगा।
2,147 बटुक करेंगे सरयू नदी की महाआरती
दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के किनारे होने वाली महाआरती भी खास आकर्षण रहेगी। इस बार 2,147 वेदपाठी बटुक और पुजारी एक साथ सरयू मैया की आरती करेंगे। इस दौरान शंखनाद, घंटियों की आवाज और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इस आयोजन में शामिल होने की उम्मीद है।
रामायण थीम पर सजाई जाएगी पूरी अयोध्या
दीपोत्सव के लिए अयोध्या के प्रमुख रास्तों और प्रवेश द्वारों को रामायण के प्रसंगों के आधार पर सजाया जा रहा है। धर्म पथ और हाईवे पर 10 बड़े और आकर्षक स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। राम की पैड़ी के आसपास पुष्पक विमान और राम रथ की आकर्षक झांकियां भी लगाई जाएंगी। इसके साथ ही राम कथा पार्क और राम की पैड़ी पर पर्यटकों के लिए 10-10 सेल्फी पॉइंट तैयार किए जाएंगे, जहां लोग यादगार तस्वीरें ले सकेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष अयोध्या टूर पैकेज
दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) ने विशेष टूर पैकेज की व्यवस्था की है। इस पैकेज के तहत पर्यटक अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के साथ दीपोत्सव का आनंद भी ले सकेंगे।
- अवधि: 2 रात और 3 दिन (6 से 8 नवंबर 2026)।
- कीमत: 16,999 रुपये प्रति व्यक्ति (GST अतिरिक्त)।
- सुविधाएं: होटल में ठहरने, सात्विक भोजन और AC वाहन की सुविधा।
इस टूर पैकेज के पहले दिन श्रद्धालुओं को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और दशरथ महल के दर्शन कराए जाएंगे। दूसरे दिन नागेश्वर नाथ मंदिर और सीता की रसोई के दर्शन के साथ मुख्य दीपोत्सव कार्यक्रम का विशेष अनुभव दिया जाएगा। टूर पैकेज की बुकिंग के लिए श्रद्धालु UPSTDC की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अयोध्या जाने से पहले जान लें जरूरी दिशा-निर्देश
अगर आप भी दीपोत्सव 2026 में शामिल होने के लिए अयोध्या जाने की योजना बना रहे हैं, तो प्रशासन की ओर से जारी यातायात और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का ध्यान रखना जरूरी है।
यातायात व्यवस्था: दीपोत्सव के दौरान साकेत पेट्रोल पंप और टेढ़ी बाजार जैसे प्रमुख स्थानों पर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इन क्षेत्रों में पैदल चलने वालों और अधिकृत स्थानीय वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी।
पहले से बनाएं यात्रा की योजना: मुख्य कार्यक्रम 7 नवंबर को होने के कारण अयोध्या में भारी भीड़ रहने की संभावना है। इसलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे एक दिन पहले ही पहुंचकर अपनी यात्रा की व्यवस्था कर लें।
सुरक्षा नियमों का पालन करें: घाटों और राम की पैड़ी पर पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की तैनाती रहेगी। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिए गए निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा जांच में प्रशासन का सहयोग करें।
दीपों की रोशनी से जगमगाएगी रामनगरी
अयोध्या का दीपोत्सव 2026 धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक का खास संगम बनने जा रहा है। 30 लाख दीयों की रोशनी, 2,100 ड्रोन का शो, 2,147 बटुकों की महाआरती और रामायण थीम पर सजी रामनगरी इस आयोजन को यादगार बनाएगी। इस भव्य उत्सव के जरिए अयोध्या एक बार फिर देश और दुनिया के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है।






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