UP Politics: अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- ‘गोरखपुर में BJP के अंदर वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है’

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UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। उन्होंने गोरखपुर में भाजपा के अंदर चल रही कथित गुटबाजी और आपसी खींचतान पर सवाल उठाए। इसके अलावा, भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र नाम ‘रणछोड़’ का गलत अर्थ में इस्तेमाल करने पर भी भाजपा नेताओं की आलोचना की।

UP Politics: अखिलेश यादव ने गोरखपुर में भाजपा की अंदरूनी कलह पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि गोरखपुर में भाजपा के नेताओं के बीच आपसी मतभेद और वर्चस्व की लड़ाई अब खुलकर सामने आने लगी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग अपने आसपास के लोगों से अपने टिकट तक पक्के नहीं करवा पाते, उन्हें दूसरों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि भाजपा नेताओं के बयान किसी गुस्सैल व्यक्ति की सोच से प्रेरित लगते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के दूसरे महान नाम ‘रणछोड़’ का गलत अर्थ में इस्तेमाल करना उनकी सीमित और संकीर्ण सोच को दिखाता है।

अखिलेश के बयान पर भाजपा का पलटवार

इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब अखिलेश यादव ने कहा कि वे 2027 का विधानसभा चुनाव खुद उम्मीदवार के रूप में नहीं लड़ेंगे, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके इस बयान पर उत्तर प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पलटवार किया और उन्हें ‘रणछोड़’ कह दिया। पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव चुनाव लड़ने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले वे बड़ी-बड़ी चुनौतियां देते थे, लेकिन अब चुनावी मैदान में उतरने से पीछे हट रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की जनता ऐसे नेताओं को पसंद करती है जो चुनावी मैदान में डटकर मुकाबला करें। भाजपा नेताओं का कहना है कि जनता के बीच जाकर चुनाव लड़े बिना सीधे मुख्यमंत्री बनने की बात करना सही नहीं है।

‘रणछोड़’ नाम पर अखिलेश का जवाब, श्रीकृष्ण का दिया उदाहरण

भाजपा के इस बयान पर अखिलेश यादव ने भगवान श्रीकृष्ण के नाम का हवाला देते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ‘रणछोड़’ भगवान कृष्ण का एक पवित्र नाम है और इसका इस्तेमाल अपमानजनक अर्थ में करना गलत है। उनके अनुसार, इस तरह की टिप्पणी भाजपा नेताओं की भारतीय संस्कृति और इतिहास की अधूरी समझ को दिखाती है। हिंदू धार्मिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण को ‘रणछोड़’ नाम तब मिला था, जब उन्होंने जरासंध और कालयवन के साथ युद्ध के दौरान मथुरा के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रणभूमि छोड़ने का फैसला किया था। इस नाम को कायरता से जोड़कर नहीं देखा जाता, बल्कि इसे उनकी समझदारी, रणनीति और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के फैसले से जोड़ा जाता है। अखिलेश यादव ने इसी उदाहरण के जरिए भाजपा पर निशाना साधा।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

अखिलेश यादव के बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले चुनाव में उनकी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, भाजपा नेताओं और समर्थकों का कहना है कि विपक्ष चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है और व्यक्तिगत आरोप लगा रहा है। फिलहाल, ‘रणछोड़’ शब्द को लेकर शुरू हुआ यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव और भाजपा नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी से आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।

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