नई दिल्ली, 14 अप्रैल को अखिल भारतीय पसमान्दा मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक द्वारा आयोजित पसमान्दा मुस्लिम संवाद में “एक राष्ट्र, एक चुनाव” विषय पर इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एक राष्ट्र – एक चुनाव बेहद ज़रूरी है भारतीय जनता पार्टी की सरकार एक राष्ट्र – एक चुनाव की वकालत इसलिये करती है की बार-बार चुनाव होने से देश की गति बाधित होती है एक राष्ट्र- एक चुनाव प्रणाली भारतीय लोकतंत्र के लिए हितकारी साबित होने के साथ-साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बेहद ज़रूरी है। भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री ने आगे कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन भारत के लिए स्पीड ब्रेकर हटाने जैसा है। उन्होंने कहा कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक

अखिल भारतीय पसमान्दा मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जावेद मलिक ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव प्रणाली से समय और संसाधनों की बचत होगी। यह भारत के विकास के लिए आवश्यक है। बार बार चुनाव होने से जिन संसाधनों और धन का प्रयोग व्यर्थ होता है उन संसाधनों की बचत होगी उन संसाधनों का प्रयोग भारत को विकसित राष्ट्र बनने के लिए होगा जिससे विश्व के सामने भारत बहुत जल्द एक विकसित राष्ट्र बनकर उभरेगा, इसलिए चुनाव प्रक्रिया में सुधार की बहुत ज़रूरत है
जावेद मलिक ने आगे बताया कि एक साथ चुनाव कराने की अवधारणा भारत में नयी नहीं है। संविधान को अंगीकार किए जाने के बाद, 1951 से 1967 तक लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ आयोजित किए गए थे। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के पहले आम चुनाव 1951-52 में एक साथ आयोजित किए गए थे। यह परंपरा इसके बाद 1957, 1962 और 1967 के तीन आम चुनावों के लिए भी जारी रही।




