दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया ने रविवार को एक बार फिर सत्तारूढ़ भाजपा को ‘भारतीय झगड़ा पार्टी’ करार देते हुए दावा किया कि गुजरात में अब ‘आप’ का काम बोलने लगा है। सिसोदिया ने यहां पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए भाजपा पर कोरोना के कुप्रबंधन का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा विकास की बात करती है पर उसकी रुचि इसमें नहीं है। दिल्ली में ‘आप’ सरकार के विकास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा बताए कि स्कूल, अस्पताल और रोजगार क्या विकास के पैमाने नहीं हैं। पांच साल में अगर ‘आप’ दिल्ली में इतना कुछ कर सकती है तो गुजरात में भाजपा क्यों कुछ नहीं कर रही।
उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के उचित प्रबंधन के समय भाजपा सरकार बंगाल चुनाव में लगी थी और इसमें हारने के बाद यह अब सबसे झगड़ा करने में लगी है। यह भारतीय जनता पार्टी से भारतीय झगड़ा पार्टी बन गई है।
दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के बारे में हुए विवाद से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा अपने कार्यालय में बनाई गई रिपोर्ट के आधार पर बेवजह मुद्दा बना रही है। ‘आप’ की चुनौती के 72 घंटे बीतने के बावजूद भाजपा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित ऑडिट कमेटी की कथित रिपोर्ट को सामने नहीं ला पाई है।
जाने-माने हीरा कारोबारी महेश सवाणी ने थामा झाड़ू, हुए ‘आप’ में शामिल
देश के जाने-माने हीरा कारोबारी महेश सवाणी रविवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात के इस बड़े उद्योगपति के उनके धुर विरोधी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ‘आप’ में शामिल होने के कई अर्थ भी निकले जा रहे हैं। सिसोदिया ने उन्हें ‘आप’ में शामिल करने की औपचारिकता पूरी की। गुजरात के रजनीतिक रूप से दबंग पाटीदार समुदाय से संबंध रखने वाले 51 वर्षीय सवाणी वर्षों से गरीब लकड़ियों के सामूहिक विवाह का भव्य आयोजन करते रहे हैं और इसके चलते सुर्खियों में रहे हैं। वह रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि वह समाज सेवा के विस्तार की नीयत से राजनीति में आए हैं। वह केवल सूरत ही नहीं बल्कि पूरे गुजरात के लिए काम करना चाहते हैं। बता दें कि मूलरूप से सौराष्ट्र निवासी सवाणी के कारोबार का मुख्य केंद्र सूरत है। उनका पी.पी. सवाणी समूह स्कूल भी संचालित करता है।
कौन होगा मुख्यमंत्री पद का चेहरा?
पिछले कुछ ही समय में भाजपा छोड़ कर 1000 से अधिक कार्यकर्ता ‘आप’ से जुड़े हैं जिससे पार्टी बहुत उत्साहित है। सिसोदिया के इस दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की ही एक शुरुआती कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा तय करने के बारे में कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
सिसोदिया रविवार सुबह सूरत हवाईअड्डे पर पहुंचे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया समेत अन्य पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें वहां से काफी दूर ही रोक दिया और उचित तरीके से अपने नेता के स्वागत तक नहीं करने दिया। इटालिया ने इसे राज्य की भाजपा सरकार की तानाशाही करार दिया। बाद में सिसोदिया सर्किट हाउस पहुंचे और मनपा में विरोधी पक्ष ‘आप’ के नेता भंडेरी समेत अन्य के साथ चर्चा की।
ज्ञात हो कि अगले साल गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव में ‘आप’ ने सभी 182 सीटों पर प्रत्याशी खड़े करने की घोषणा कर रखी है। इस साल की शुरुआत में हुए स्थानीय चुनावों में भाजपा का गढ़ माने जाने वाले सूरत महानगर में ‘आप’ ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए दो दर्जन से अधिक महानगर पालिका सीटों पर कब्जा जमाया था। इससे उत्साहित होकर पार्टी अध्यक्ष और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यहां रोड शो किया था और हाल में के बार फिर गुजरात दौरा किया था।




