राज्यसभा उपसभापति ने निलंबित TMC सांसद के आचरण को बताया ‘अशोभनीय’ तो विपक्ष बोला- गलत का समर्थन मत कीजिए

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राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस सांसदों के एक दिन पहले के आचरण को अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसकी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सदन की बैठक दिन भर के लिए स्थगित हो गई तो निलंबित सदस्यों में से एक ने सदन में अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। इस क्रम में एक द्वार का शीशा टूट गया और एक महिला सुरक्षा अधिकारी को चोट भी आई। उस अधिकारी ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है और सभापति एम वेंकैया नायडू इस पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, विपक्ष ने उपसभापति पर घटना की गलत नैरेटिव के समर्थन करने का आरोप लगाया।

दरअसल, संसद सुरक्षा सेवा (पीएसएस) की एक अधिकारी को बुधवार को उस समय मामूली चोटें आई थीं, जब तृणमूल कांग्रेस की निलंबित सांसदों में से एक अर्पिता घोष ने संसद के उच्च सदन में कथित तौर पर प्रवेश करने के लिए अपना मोबाइल फोन से मारकर राज्यसभा के लकड़ी के दरवाजे का शीशा तोड़ दिया था। दरअसल, उपसभापति ने आज सुबह उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर तृणमूल सदस्य के कल के आचरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अशोभनीय व्यवहार के कारण तृणमूल कांग्रेस के छह सदस्यों को एक दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया था। 

इस बीच डिप्टी चेयरमैन हरिवंश को जवाब देते हुए तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि बैठक के शेष भाग के लिए सांसदों को निलंबित कर दिया गया था, जिस दौरान वे सेंट्रल हॉल में बैठे थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई तो वे अपना सामान लेने के लिए राज्यसभा कक्ष में लौटे थे। उन्होंने सवाल किया कि हंगामे में कांच का शीशा टूट गया। आज (सत्र में) इसकी जिम्मेदारी हम पर कैसे है? उन्हें (अर्पणा घोष) आज सत्र से कैसे निलंबित किया जा सकता है (कल की घटना के लिए जो स्थगन के दौरान हुई थी)?।

वहीं, बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि जब चैंबर को सैनिटाइजेशन के लिए बंद कर दिया गया था और ये टीएमसी सांसद उस दौरान चैंबर के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। इधर, विपक्ष के नेता और कांग्रेस के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नियम 255 के तहत सदस्य को केवल दिन के शेष भाग के लिए सदन से अनुपस्थित रहने की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल दिन की बैठक के लिए वापस ले निलंबित किया गया, यह कार्यवाही के स्थगित होने के बाद नहीं हुआ। वे केवल अपना सामान लेने के लिए यहां आए थे। पीयूष गोयल ने जो कुछ भी कहा वह गलत है और आप (उप सभापति) गलत का समर्थन कर रहे हैं। 

इधर, भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने मल्लिकार्जुन खड़गे पर पलटवार करते हुए कहा कि सदन में विरोध प्रदर्शन से किसी को कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल एक चीज जो स्वीकार्य नहीं है वह है हिंसा। उन्होंने कहा कि वे (विपक्ष) सदन को हाईजैक करना चाहते हैं। गौरतलब है कि वेंकैया नायडू ने सदन में तख्तियां प्रदर्शित करने पर कल (बुधवार) आपत्ति जतायी थी और आसन की अवज्ञा कर हंगामा करने वाले सदस्यों से नियम 255 के तहत सदन से बाहर जाने को कहा। उन्होंने स्वयं किसी का नाम नहीं लिया था। बाद में एक संसदीय बुलेटिन में बताया गया था कि जिन छह सदस्यों को पूरे दिन के लिए निलंबित किया गया है उनमें तृणमूल की डोला सेन, मोहम्मद नदीमुल हक, अबीर रंजन विश्वास, शांता छेत्री, अर्पिता घोष एवं मौसम नूर शामिल हैं।

बुलेटिन में कहा गया, ‘राज्यसभा के ये सदस्य तख्तियां लेकर आसन के समक्ष आ गये, आसन की आज्ञा का पालन नहीं किया और आज सुबह उनका आचरण पूरी तरह से अनुचित था। सभापति ने उन्हें नियम 255 के तहत सदन से बाहर निकल जाने के लिए कहा था।’ गौरतलब है कि नियम 255 के तहत नाम लिए जाने पर सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया जाता है।
 

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