मुस्लिमों के प्रति समाजवादी पार्टी प्रत्याशी के बिगड़े बोल

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बिन्दकी /फतेहपुर

संवाददाता जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा

दाढ़ी वालों को लाने की जरूरत नहीं वो अपने क्षेत्र में करें प्रचार प्रसार : दयालु गुप्ता

बिंदकी चुनाव सरगर्मी तेज होते ही कहीं भाजपा विधायकों के तो कहीं सपा प्रत्याशियों के बोल बिगड़ने लगें हैं मुसलमानों को अपना हितैषी बताने वाली समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रत्याशी जिन्हें 239 बिन्दकी विधानसभा से उम्मीदवार बनाया गया है चुनाव हुए नहीं कि उनके बोल अभी से बिगड़ने शुरू हो गए हैं हद तो तब हो गयी जब बिन्दकी नगर से समाजवादी पार्टी के लोहिया वाहिनी के नगर सचिव इम्तियाज अली उनके आवास पर बृहस्पतिवार की सुबह पहुंचे तो सपा प्रत्याशी ने सभी के सामने सार्वजनिक जगह पर साफ शब्दों में कहा कि उनके यहां दाढ़ी वालों की जरूरत नहीं है बल्कि वो अपने क्षेत्र में ही पार्टी का प्रचार प्रसार करें जिस पर इससे पहले लोहिया वाहिनी के नगर सचिव इम्तियाज अली कुछ बोल पाते कि उन्हीं के सीनियर कार्यकर्ताओं ने उल्टा उन्हें ही दबाते हुए उनको वहां से हटा दिया और कुछ मुस्लिम कार्यकर्ता बेशर्मी के साथ बैठे रहे और सपा प्रत्याशी को उनकी इस बात का जवाब तक नहीं दे सके क्या मुस्लिम वर्ग समाजवादी पार्टी की नजर में सिर्फ और सिर्फ प्रचार प्रसार व दरी बिछाने व झण्डे लेकर नारे लगाने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं और इनका वोट बैंक लेकर इन्हें गिरी नजरों से देखना क्या सपा सरकार की मंशा है जो मुस्लिमों को अपना वोट बैंक समझते दिल की बात आखिरकार सपा प्रत्याशी ने खुद अपनी जबां से बयां भी कर दिया सपा प्रत्याशी के इस बयानबाजी के बाद बात आग की तरह नगर में तेजी के साथ फैलने लगी और हर ओर विरोध के सुर गूंजने लगे कि इन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा आने वाली 23 फरवरी को यही दाढ़ी वाले लोग इन्हें दिखा देंगे कि दाढ़ी वाले पार्टी में सिर्फ दरी बिछाने व झण्डा लेकर नारे लगाने के लिए नहीं है बल्कि सरकार बनाने में इन्हीं दाढ़ी वालों का ही हाथ है सपा प्रत्याशी की इस बात को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी भी देखने को मिली तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी अभिमन्यु सिंह ने सपा प्रत्याशी के इस बात की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सपा व भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं नेता जी और अखिलेश जी मोहन भागवत के यहां जाते हैं साथ बैठकर खाना खाते हैं उन्हें बुलाते हैं इन लोगों ने मुस्लिमों को गुमराह किया है क्योंकि मुसलमान बहुत ही सरल स्वभाव का होता है साथ ही दयालु पर यह भी आरोप लगाया कि दयालु जी खुद ही संघ के हैं उनके पैंट के अन्दर खाकी चड्ढी होगी

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