बेतिया में आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थिति में मौत ज़हरीली शराब पीने से मौत की आशंका

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बिहार–

जे पी श्रीवास्तव, बिहार

मोतिहारी: मिली जानकारी के अनुसार पश्चिमी चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र के देउरवा गांव में पिछले दो दिनों में 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि सभी ने ज़हरीली शराब पी थी। मरनेवाले के परिजनों का भी ऐसा ही आरोप है।
कहा जाता है कि उस इलाके में लम्बे समय से शराब बनाने और बेचने का धंधा चल रहा है जिसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को रहती है। बहुत हो हल्ला होने पर पुलिस शराब के धंधेबाजों को पकड़ कर ले जाती है और फिर छोड़ देती है। ऐसा पिछले कई वर्षों से हो रहा है। पुलिस के इस प्रकार के रवैये से शराब धंधेबाजों का मनोबल बढ़ा रहता है।
इन मौतों की जानकारी जिला प्रशासन को होते ही हड़कंप मच गया। आनन -फानन में जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने उत्पाद विभाग की टीम के साथ गांव का दौरा कर परिजनों और गांव वालों से मिलकर जानकारी प्राप्त की और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
डीएम के निर्देश पर उत्पाद विभाग की टीम के साथ नरकटियागंज एसडीपीओ के साथ गांव में छापामारी कर अस्पताल अस्पतालरही है। डाॅग स्क्वायड की मदद से धंधेबाजों के घर की पड़ताल भी की जा रही है।
इस घटना से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। लोग इसके लिए पुलिस प्रशासन को दोषी ठहरा रहे हैं। इस घटना की जानकारी सिकटा के माले विधायक विरेंद्र गुप्ता को हुई तो उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने की बात बताई है।
मरनेवालों में लतीफ साह,रामबृक्ष चौधरी, भगवान पंडा, नईम हजाम, सुरेश साह, इजहार हुसैन,रातुल मियां और झुन्ना मियां का नाम शामिल है। वहीं गंभीर रूप से बीमार एक शख्स मुमताज का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है, बताया जाता है कि उसकी आंखों की रोशनी चली गई है। वैसे यह भी पता चला है कि छापामारी के दौरान दो लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
बिहार में अवैध शराब बनाने का मामला बहुत दिनों से चल रहा है। कई-कई बार पुलिस छापामारी करती है, कुछ लोग पकड़े भी जाते हैं,जेल भी भेजे जाते हैं,केस कमजोर होने,समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने और सरकार की ओर से न्यायालय में दमदार ढंग से मामले को नहीं रखने के कारण बेल कराकर धंधेबाज वापस गांव आकर फिर से उसी धंधे में लग जाते हैं। आवश्यकता है कि उत्पाद विभाग, पुलिस प्रशासन,जिला प्रशासन इस दिशा में आवश्यक और ठोस कदम उठाये ताकि असमय काल कवलित होने से लोगों को बचाया जा सके।