इसराइल की साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ द्वारा तैयार पेगासस स्पाईवेयर भारत में इन दिनों खूब चर्चा में हैं। दरअसल भारत में इसके जरिए कई पत्रकारों और चर्चित हस्तियों के फ़ोन की जासूसी करने का दावा किया जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद भारत में सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसको लेकर केंद्र पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- पेगासस को इजरायली राज्य द्वारा एक हथियार के रूप में वर्गीकृत किया गया है और माना जाता है कि उस हथियार का इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इसका इस्तेमाल भारतीय राज्य और हमारी संस्थाओं के खिलाफ किया है।
‘गृह मंत्री को देना चाहिए इस्तीफा’
राहुल ने आगे कहा – ‘पेगासस को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया है, इन लोगों ने कर्नाटक में इसका इस्तेमाल किया है, इन्होंने इसका इस्तेमाल जांचों को रोकने के लिए किया है, इन्होंने इसका इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ किया है, इन्होंने इसका इस्तेमाल इस देश के सभी संस्थानों के खिलाफ किया है। इसके लिए एकमात्र शब्द देशद्रोह है। इसके लिए कोई दूसरा शब्द नहीं है। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।’
Pegasus is classified by the Israeli state as a weapon and that weapon is supposed to be used against terrorists. The Prime Minister and Home Minister have used this against the Indian state and against our institutions: Congress leader Rahul Gandhi pic.twitter.com/lT9J470a82
— ANI (@ANI) July 23, 2021
राहुल गांधी के फोन की भी जासूसी?
देश में इस स्पाईवेयर के जरिए जिन लोगों की जासूसी होने का आरोप है उस लिस्ट में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नंबर भी मिला है। हालांकि, 2019 में इस मुद्दे के उठने के बाद भारत सरकार ने पेगासस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से इनकार किया था और अब भी केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
बवाल में पाक भी कूदा
इधर, इस बवाल में पाकिस्तान ने भी एंट्री कर ली है और एक अलग ही राग छेड़ दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के फोन की भी इस इजरायली सॉफ्टवेयर के जरिए कथित तौर पर जासूसी की बातें सामने आई हैं। अब पाकिस्तान ने इसे लेकर भी भारत पर आरोप लगा दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि वह इस मुद्दे को बड़े मंच पर उठाएगा। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इमरान खान के फोन की जासूसी को लेकर डॉन न्यूज को बताया, “हम भारत द्वारा हैकिंग के ब्योरे का इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा- एक बार डीटेल पता होने के बाद इस मुद्दे को उचित मंचों पर उठाया जाएगा। इससे पहले एक ट्वीट में, चौधरी ने उन रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त की थी जिसमे कहा गया था कि भारत सरकार ने कथित रूप से पत्रकारों और राजनीतिक विरोधियों की जासूसी करने के लिए इजरायल के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है।
एनएसओ की सफाई
वहीं इस स्पाईवेयर को बनाने वाली इजरायल की साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ने सफाई देते हुए कहा है उसके सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कभी भी किसी के फोन की बातें सुनने, उसे मॉनिटर करने, ट्रैक करने और डाटा इकट्ठा करने में नहीं होता है। ग्रुप के मुताबिक पेगासस सॉफ्टवेयर कुछ चुनिंदा देशों की कानूनी एजेंसियों को दिया जाता है जिनका मकसद किसी की जान बचाना और देश की सुरक्षा करना होता है।




