तेजिंदर पाल सिंह ने टोक्यो ओलंपिक में बेहद धमाकेदार अंदाज में अपनी जगह पक्की की है। तेजिंदर ने पटियाला में हुई इंडियन ग्रां प्री में सोमवार को 21.49 मीटर का थ्रो लगाकर ना सिर्फ अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा, बल्कि एशियाई रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले एशियाई रिकॉर्ड साउदी अरब के सुल्तान अब्दुल मजीद के नाम था। तेजिंदर को ओलंपिक क्वालीफाई करने के लिए 21.10 मीटर का थ्रो लगाना की जरूरत थी।
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तेजिंदर ने इस दौरान तीसरे , चौथे और पांचवें प्रयास में क्रमश: 21.28 मीटर, 21.12 मीटर, 21.13 मीटर दूर गोला फेंका था। यह सभी प्रयास ओलंपिक क्वालीफिकेशन से अधिक था। पंजाब के इस एथलीट ने इस दौरान सऊदी अरब के सुल्तान अब्दुलम अल हेब्शी के 12 साल पुराने एशियाई रिकार्ड को भी तोड़ दिया। हेब्शी ने 2009 में 21.13 मीटर दूर गोला फेंक रिकार्ड कायम किया था। इस खेल का पिछला भारतीय रिकॉर्ड भी 26 साल के तूर के नाम ही था जिन्होंने 2019 में 20.92 मीटर की दूरी तय की थी।
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तेजिंदर ने कॉम्पिटिशन के बाद कहा, ‘मैं पहली बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर काफी खुश हूं। यह एशियाई और राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। ओलंपिक क्वालीफाई करने पर मैं आश्चर्यचकित नहीं हूं क्योंकि मैं 21.20 मीटर से 21.40 मीटर तक गोला फेंक रहा था।’ उनका रिकॉर्ड तोड़ने वाला प्रदर्शन डोप टेस्ट पास करने के अधीन है। यह पता चला है कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के डोप नियंत्रण अधिकारी एनआईएस-पटियाला में इस एक दिवसीय आयोजन लिए मौजूद थे। तेजिंदर का प्रदर्शन 2012 और 2016 में कांस्य पदक जीतने वाले एथलीट से बेहतर है।




