बिहार—–
जे.पी.श्रीवास्तव, बिहार
मोतिहारी:सीधे सादे लोगों को थोड़ी सी लालच देकर कैसे ठगी का शिकार बनाया जाता है,इसकी बानगी पूर्वी चम्पारण जिला स्थित चकिया में देखनै को मिल रही है। बताते हैं कि मदर टेरेसा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चकिया के जीविका दीदियों को ठगी का शिकार बनाया गया है ठगी की शिकार महिलाओं ने चकिया बाईपास के निकट एनएच को छह घंटों से ज्यादा समय तक जाम कर दिया।
बताया जाता है कि जाम के कारण दोनों तरफ कई किलोमीटर तक गाड़ियों की लम्बी कतार लग गई।
मदर टेरेसा चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर बिहार के कई जिलों से तकरीबन अरबों रुपए का चोटाला हुआ है। चकिया वार्ड नं 7 के रानीगंज मुहल्ले में बाजाप्ता कार्यालय खोलकर मदर टेरेसा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा महिलाओं को ठगी का शिकार बनाया गया है। कार्यालय में कार्यरत कर्मी को जैसे ही ट्रस्ट के डायरेक्टर मधुबन निवासी निर्भय यादव के घर को घेरे जाने की जानकारी मिली वैसे ही सभी कर्मी लैपटाप और अन्य कागजातों को लपेटकर चंपत हो गये। जाम कर रही महिलाएं वरीय पदाधिकारी के आने तक जाम को जारी रखने की बात कर रही थीं। सड़क जाम कर रही महिलाएं सीता देवी, आस्था देवी, प्रमिला देवी,सुनीला देवी, सुनैना देवी, बबीता देवी, संगीता देवी,शिमलावती कुमारी,कुशुमति देवी, पिंकी कुमारी, कौशल्या देवी, ललित देवी,सुमेरिया देवी,रीता देवी,सुधा देवी, सुनीता महतो, रबीना खातुन आदि महिलाओं का कहना था कि प्रधानमंत्री का योजना बताकर उक्त चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कहा गया कि 22500 रपये से खाता खोलकर सदस्य बनने पर 2500 रुपये प्रतिमाह की दर से 24 माह तक लगातार भुगतान किया जायेगा।
खाता खोलने के लिए महिलाओं को यह भी लालच दिया गया की यदि कोई सदस्य 22500 रुपये का 20 सदस्य बनाती है तो उसे मानदेय के रुप में प्रतिमाह 12000 रुपये मिलेगा। महिलाएं झांसे में आकर रुपया जमा करने लगी। लेकिन अमूमन ऐसे मामलों में जैसा होता है वही इनलोगों के साथ भी हुआ।जब भुगतान करने का समय आया तब तरह-तरह का बहाना बनाया जाने लगा। उन्हें दौड़ाया जाने लगा। मामले को लेकर सेंटर लीडर ने मधुबन में डायरेक्टर के आवास को घेरा तब इस कांड का पर्दाफाश हुआ।




