अफगानिस्तान में अस्थिरता के हालात बनने के बाद ही भारत ने ऐलान कर दिया था कि वो काबुल से अपने राजदूत और अन्य सरकारी अधिकारियों को वापस बुला लेगा। जिसके बाद कई सरकारी कर्मचारियों को वहां से निकाला भी गया है। एयर इंडिया इस अहम जिम्मेदारी को निभा रही है। हालांकि, अभी भी भारत के कई नागरिक अफगानिस्तान में मौजूद हैं। भारतीय राजदूत रुपेंद्र टंडन ने मंगलवार को कहा कि एयर इंडिया काबुल से अपनी विमान सेवा को तब तक चालू रखेगा जब तक कि काबुल एयरपोर्ट क्रियाशील है। रुपेंद्र टंडन और कुछ अन्य राजनयिक स्टाफ मंगलवार को ही भारत पहुंचे।
बीते रविवार को अफगान की गनी सरकार के सरेंडर के बाद भारत ने अपने सभी राजदूतों और अन्य सभी कर्मचारियों को काबुल मिशन से वापस बुलाने का फैसला किया था। बता दें कि यह दूसरा मौका है जब भारत ने अपनी एंबेसी बंद की है। इससे पहले 1996 में भी तालिबान की वजह से बने हालात के कारण ही भारत को अपनी एंबेसी बंद करनी पड़ी थी। सोमवार और मंगलवार को करीब 200 भारतीय अधिकारी और सुरक्षा कर्मी दो ग्रुपों में काबुल से बाहर आए। भारतीय अधिकारी और सुरक्षा से जुड़े स्टाफ C-17 मिलिट्री एयरक्राफ्ट के जरिए काबुल से निकले थे। हालांकि जब दूसरा ग्रुप वहां से निकल रहा था तब एयरपोर्ट पर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। क्योंकि तालिबान ने वहां चेक प्वाइंट बना रखा था।
अधिकारियों को लेकर C-17 विमान गुजरात के जामनगर में उतरा। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुपेंद्र टंडन ने कहा कि ‘हम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि अभी भी कुछ भारतीय नागरिक वहां मौजूद हैं। इसलिए एयर इंडिया काबुल से कर्मशियल सेवाएं तब तक जारी रखेगा जब तक एयरपोर्ट कार्यशील है।’ राजदूत ने बताया कि ‘भारत ने काबुल में एयरपोर्ट की स्थिति को देखते हुए अस्थाई तौर पर अपने विमानों को रद्द कर दिया है। हालांकि, हम यह निश्चित हो जाना चाहते हैं कि कोई भारतीय वहां फंसा तो नहीं और अगर ऐसा है तो हम उसे किसी भी कीमत पर वहां से लाएंगे। इसके लिए विदेश मंत्रालय ने हेल्प डेस्क भी बनाया है।
रुपेंद्र टंडन ने कहा कि ‘डिप्लोमैटिक स्टाफ के वहां से निकल जाने के बावजूद भारत, अफगानिस्तान के लोगों के संपर्क में है। ऐसा नहीं है कि हमने अफगानिस्तान के लोगों को छोड़ दिया है। उनका कल्याण और उनके साथ हमारा संबंध हमेशा ही हमारे दिमाग में रहता है। हम कोशिश करते रहेंगे कि उनसे हमारी बातचीत होती रहे।’ टंडन ने कहा कि सुरक्षित घऱ लौटने के बाद भारतीय काफी खुश हैं। भारत के करीब 192 लोग काबुल में थे और अब सभी सही सलामत लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि वहां कई ऐसे भारतीय थे जो अफगानिस्तान में बदलते हालात की वजह से तनाव में थे। इसलिए हमारी नीति थी कि जो कोई भी एंबेसी तक पहुंच सके उसे एंबेसी में रखा जाए। हमें नहीं पता कि था कि वो एंबेसी के अंदर कैसे मैनेज करेंगे, लेकिन हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि वो सुरक्षित हैं और वो वहां से बाहर निकलने का एक रास्ता है।




