भारत के सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के तहत इस हफ्ते दो उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए यहां पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र में कार्यक्रमों में अफगानिस्तान में स्थिति पर चर्चा की उम्मीद है। जयशंकर सोमवार को यहां पहुंचे जब सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान में स्थिति पर एक आपात बैठक की। 10 दिनों में यह दूसरी बार है कि जब युद्धग्रस्त देश में तेजी से बिगड़ती स्थिति पर चर्चा करने के लिए भारत की अध्यक्षता के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई।
जयशंकर ने ट्वीट किया, ”अफगानिस्तान में घटनाक्रमों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आज महत्वपूर्ण चर्चा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को जताया। संयुक्त राष्ट्र में मेरे कार्यक्रमों के दौरान इन पर चर्चा की उम्मीद है।”
उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ अफगानिस्तान में ”ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा भी की और कहा, ”हमने काबुल में हवाईअड्डा संचालन बहाल करने की अत्यधिक आवश्यकता पर बल दिया। हम इस संबंध में अमेरिकी प्रयासों की बहुत सराहना करते हैं।” अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बताया कि दोनों शीर्ष राजनयिकों ने अफगानिस्तान संबंधी हालात पर चर्चा की।
Significant UN Security Council discussions today on developments in Afghanistan. Expressed the concerns of the international community.
Expect to discuss these during my engagements at the UN.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 16, 2021
सिलसिलेवार किए गए ट्वीट्स में जयशंकर ने कहा कि वह काबुल में स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, ”भारत लौटने वाले लोगों की बेचैनी समझता हूं। हवाईअड्डे का संचालन मुख्य चुनौती है। इस संबंध में साझेदारों के साथ चर्चा की गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत काबुल में सिख और हिंदू समुदाय के नेताओं के लगातार संपर्क में है।”
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने ट्वीट किया कि जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर उसके शांतिरक्षा स्मारक पर एक कार्यक्रम में भाग लेंगे।




