सन्दीप मिश्रा
रायबरेली। डिग्री के नाम पर जीरो और काम तो ऐसे ऐसे की एमबीबीएस डॉक्टर तक अपने आप को अनपढ़ समझने पर मजबूर हो जाए। क्योंकि झोलाछाप डाक्टरों ने ऐसी तरकीब लगा रखी है कि ना चाहते हुए मरीज उनके पास पहुंच जाते हैं । क्योंकि उन्होंने बता रखा है कि हर मर्ज का इलाज उनके पास है। मर्ज चाहे सर्दी जुकाम बुखार हो या फिर कोई जानलेवा घातक बीमारी हो । सब पर इन झोला छाप डॉक्टरों ने पीएचडी कर रखी है। गांव देहात में अज्ञानता के अभाव का लोग इनके चंगुल में फंस जाते हैं और धन के साथ-साथ यह भी जरूरी नहीं है की मरीजों की जान भी बच सके । लेकिन इन तथाकथित डॉक्टर को रोकने में स्वास्थ्य विभाग का संबंध दिखाई दे रहा है। रायबरेली के थाना भदोखर के अन्तर्गत जमालपुर बाजार में छोलछाप डाक्टर द्वारा लोगो का इलाज जारी है जो अपने आप को डॉ0 चाँशी बताते है। मरीजों का सही इलाज न करके उल्टी सीधी दवाइयां देकर मरीजों को बेवकूफ बनाकर उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए इलाज के नाम पर मनचाही फीस भी तय है। डॉ .चाँशी का यह दवाखाना आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है। जिम्मेदार संबंधित स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी व अधीक्षक इस पर क्यों कार्यवाही करने के नाम से दूर भागते है। जबकि आस पड़ोस तक के लोगो को डाक्टर की करतूतों की जानकारी है बस चुप है तो स्वास्थ विभाग।
