जदयू आदिवासी प्रकोष्ट प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं जिला रोगी कल्याण समिती पद से दिया इस्तीफा।

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सारण / सारण जिला के कोपा नगर पंचायत निवासी व जदयू आदिवादी प्रकोष्ट के प्रदेश मीडिया प्रभारी शह जिला रोगी कल्याण समिति के सदस्य आखिलेश कुमार ने बुधवार को बिहार बिहार सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी तथा जिला रोगी कल्याण समिति पद ने इस्तिफा दे दिया।उन्होंने बताया कि बिहार में कानूनन का राज नही चल रहा है।बिहार में अफसरों की राज चल रही है।बिहार में अफसर साही चरण सीमा पर चल रही है।उन्होंने बताया कि 2003 में जदयू के सदस्यता ग्रहण किया था।लागातार 22 वर्षो तक जदयू में जमे रहे 8 वर्षो तक सारण जिला जदयू आदिवासी प्रकोष्ट के जिलाध्यक्ष रहे।उन्होंने बताया कि जिला रोगी कल्याण समिति का गठन 24 जून को हुआ एक सप्ताह के अंदर बैठक करने का निर्देश मिला था। 3 माह बीतने के बाद भी आज तक बैठक नही किया गया।बिहार सरकार द्वारा 2018 में जल नल के लिए निजी जमीन दिया गया।ससमय से विगत सात वर्षों से जल नल का संचालन के बाद भी आज तक मानदेय का भुगतान नही किया गया।मानदेय भुगातन को लेकर डीएम से लेकर सीएम तक सैकड़ो बार गुहार लगाने के बाद भी आज तक मानदेय का भुगतान नही हुआ।यहां तक कि बिहार में विकाश का ढिढोरा पीटने वाले नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जा रही जिला लोकशिकायत निवारण पदाधिकारी शह डीएम का आदेश के 18 माह बाद भी जल जल मानदेय भुगतान नही किया गया।जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने जलालपुर प्रखण्ड विकाश पदाधिकारी बिनोद कुमार को आदेश दिया लेकर 18 माह बाद भी जलालपुर बीडीओ द्वारा मानदेय भुगतान नही किया गया।बिहार में अफसर साही चल रही है।जिस टेबल पर जाइए।बिना रिश्वत का कोई कार्य नही हो रहा है।बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन खो गया है।बिहार के रिटायर आइएसस आईपीएस द्वारा रिमोट से सरकार चला कर लूट खसोट मचाया हुआ है।अबकिर बिहार से नीतीश की सफाया तय है।श्री कुमार ने अपनी इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को दिया है।