देवगनपुरा समिति में चहेतों को डीएपी वितरण का आरोप, जांच की मांग तेज
जनपद महोबा बुंदेलखंड से ब्यूरो चीफ राम कुमार की रिपोर्ट
पनवाडी महोबा।
किसान इन दिनों खाद संकट से जूझ रहे हैं। पनवाड़ी विकासखंड के किसान रबी सीजन की बुवाई में पूरी मेहनत से जुटे हैं, लेकिन समितियों में यूरिया खाद उपलब्ध न होने के कारण उन्हें प्राइवेट दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है। यही मजबूरी कई दुकानदारों के लिए खुलेआम मुनाफाखोरी का माध्यम बन गई है। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि पनवाड़ी कस्बे के पाठकपुरा क्षेत्र की एक प्राइवेट दुकान पर 266 रुपये कीमत वाली यूरिया की बोरी 450 रुपये में बेची जा रही है।
किसानों का कहना है कि डीएपी खाद के लिए भी उन्हें कई दिनों तक लाइन में लगना पड़ा था। अब जब बुवाई का समय चरम पर है, यूरिया खाद की आवश्यकता और बढ़ गई है। बावजूद इसके समितियों में स्टॉक नहीं आ रहा, जिससे किसान मजबूरी में महंगे दामों पर खाद खरीद रहे हैं।
किसानों ने बताया कि खेतों में निरंतर काम चल रहा है और खाद जरूरी है, इसलिए वे चाहकर भी विकल्प नहीं चुन पा रहे। खुलेआम चल रही इस कालाबाजारी पर किसान नाराज़ हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जब इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल बृजेंद्र पाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यदि किसी दुकान पर एमआरपी से अधिक दाम पर खाद बेचने की पुष्टि होती है, तो संबंधित दुकान का लाइसेंस रद्द कराने की कार्रवाई तत्काल अमल में लाई जाएगी। क्षेत्र में निरीक्षण की तैयारी की जा रही है।
देवगनपुरा समिति में चहेतों को बांटी जा रही डीएपी खाद, किसानों में रोष
इसी बीच पनवाड़ी कस्बे की देवगनपुरा साधन सहकारी समिति में डीएपी खाद वितरण को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों ने बताया कि गुरुवार को समिति में सचिव कैश जमा करने गए थे और उनकी अनुपस्थिति में उनके किसी परिचित द्वारा खाद का वितरण किया जा रहा था।
किसानों का आरोप है कि समिति में खुले और पारदर्शी तरीके से खाद वितरण न होकर, अपने चहेतों और परिचितों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह स्थिति उन किसानों के लिए असुविधा पैदा कर रही है, जिन्हें लंबे समय से खाद की प्रतीक्षा है।
जब इस विषय पर सहायक विकास अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि सचिव की मौजूदगी के बिना खाद का वितरण नियमों के विरुद्ध है। समिति से खाद तभी दी जा सकती है जब सचिव स्वयं उपस्थित हों। उन्होंने मामले की जांच करने और नियमविरुद्ध पाए जाने पर कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कुल मिलाकर, खाद की कमी, कालाबाजारी और समितियों में अनियमितताओं ने किसानों की परेशानियाँ और बढ़ा दी हैं। बुवाई के महत्वपूर्ण समय में खाद संकट गहराते देख किसान प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।




